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Jharkhand: टाटा जू की सबसे प्रिय अफ्रीकी शेरनी ‘जोया’ का निधन, 16 साल तक रही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र

जमशेदपुर: टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टाटा जू) की 16 वर्षीय अफ्रीकी शेरनी ‘जोया’ का निधन हो गया। उम्र संबंधी समस्याओं और लंबे समय से चल रही बीमारी के कारण वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थी। उसके निधन से टाटा जू प्रबंधन, वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है।

दक्षिण अफ्रीका से छह माह की उम्र में लाई गई थी जोया

जोया का टाटा जू और जमशेदपुर से विशेष जुड़ाव रहा। उसे महज छह महीने की उम्र में दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया से भारत लाया गया था। उसके साथ जम्बो और एड नामक दो अन्य अफ्रीकी शेर भी टाटा जू पहुंचे थे।अपने शांत और चंचल स्वभाव के कारण जोया जल्द ही पर्यटकों की पसंदीदा बन गई। पिछले 16 वर्षों में उसने लाखों पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और टाटा जू की पहचान बन गई।

सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हुआ पोस्टमार्टम

जोया के निधन की सूचना टाटा जू प्रबंधन ने तत्काल जमशेदपुर वन प्रमंडल की डीएफओ शबा आलम अंसारी और जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. समरजीत मंडल को दी। इसके बाद वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उसका पोस्टमार्टम कराया गया।

बरेली भेजा जाएगा बिसरा

शेरनी की मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम के दौरान उसका बिसरा सुरक्षित रखा गया है। इसे जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली भेजा जाएगा। वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी।

टाटा जू परिसर में किया गया अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद टाटा जू परिसर में ही पूरे सम्मान के साथ जोया का अंतिम संस्कार किया गया। उसके निधन के साथ ही जमशेदपुर ने अपने सबसे पुराने और लोकप्रिय वन्यजीव साथियों में से एक को खो दिया। वर्षों तक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही जोया अब केवल यादों में ही जीवित रहेगी।

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