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Madhya Pradesh: एमपी के खिलाड़ियों को सीएम मोहन यादव की बड़ी सौगात, पुलिस में फिर शुरू होगी सीधी भर्ती

भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के उत्कृष्ट और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा का द्वार एक बार फिर खोल दिया है। राज्य सरकार पुलिस विभाग में खेल कोटे के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने जा रही है। इसके लिए गृह विभाग ने ‘मध्यप्रदेश पुलिस नियम, 2021’ में बड़ा संशोधन करते हुए 15 जून 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है।संशोधित नियमों के लागू होने से खिलाड़ियों के चयन, पात्रता और मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी हो जाएगी।

हर साल निकलेंगी वेकेंसी: 10 सब-इंस्पेक्टर और 50 कॉन्स्टेबल के पद सुरक्षित

नए नियमों के तहत गृह विभाग अब हर साल नियमित रूप से खेल कोटे की भर्ती आयोजित करेगा। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष उप निरीक्षक : 10 पद और आरक्षक : 50 पदों पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधे शासकीय नौकरी का अवसर मिलेगा। इस पहल से खिलाड़ी अब बिना किसी आर्थिक मानसिक तनाव के नौकरी के साथ-साथ अपने खेल प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं की तैयारी को निरंतर जारी रख सकेंगे।

लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और हाइट से मिलेगी पूरी छूट

मुख्यमंत्री की इस पहल में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमों को बेहद लचीला और सुगम बनाया गया है। भर्ती के दौरान उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निम्नलिखित मापदंडों में पूर्ण छूट दी जाएगी। निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मापदंड (जैसे ऊंचाई/हाइट) में पूरी छूट रहेगी। खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण से नहीं गुजरना होगा।ये नियुक्तियां किसी आरक्षित वर्ग के तहत न होकर पूरी तरह अनारक्षित श्रेणी में शामिल की जाएंगी। केवल वे ही खेल विधाएं मान्य होंगी, जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों का हिस्सा रही हों।

कौन बन सकेगा पुलिस सब-इंस्पेक्टर ?

उप निरीक्षक के प्रतिष्ठित पद पर सीधी नियुक्ति पाने के लिए गृह विभाग ने कड़े लेकिन सम्मानजनक मानक तय किए हैं। इस पद के लिए वे खिलाड़ी पात्र होंगे जिन्होंने ओलंपिक खेल, एशियाई खेल , राष्ट्रमंडल खेल , या विश्व कप/विश्व चैम्पियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व (सहभागिता) किया हो।इन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत अथवा कांस्य पदक जीता हो या केवल सहभागिता भी की हो, तो वे सीधे सब-इंस्पेक्टर बन सकेंगे।

कौन बन सकेगा पुलिस कॉन्स्टेबल (आरक्षक)?

आरक्षक पद के लिए पात्रता का दायरा थोड़ा विस्तृत रखा गया है ताकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को भी इसका सीधा लाभ मिल सके। वे सभी खिलाड़ी जो सब-ईस्पेक्टर पद की पात्रता पूरी करते हैं, वे आरक्षक पद के लिए स्वतः योग्य माने जाएंगे।नेशनल गेम्स में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी। आधिकारिक और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कोई भी पदक (गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज) हासिल करने वाले खिलाड़ी मध्य प्रदेश पुलिस में सीधे कॉन्स्टेबल बन सकेंगे।

वरिष्ठता का निर्धारण

यदि किन्हीं दो खिलाड़ियों के मेरिट अंक समान (बराबर) हो जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण खिलाड़ी की आयु तथा ओलंपिक, एशियाई खेल और विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में उनकी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। खेल प्रेमियों और युवा संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस फैसले को मध्य प्रदेश में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने वाला एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है।

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