Delhi : साहिबगंज के बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह गैर इरादतन हत्या में दोषी करार, 9 जून को सजा का ऐलान

नई दिल्ली/राउज एवेन्यू कोर्ट। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए बिहार के साहिबगंज से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद विधायक को तुरंत न्यायिक हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने विधायक की पत्नी रेनू सिंह और दो अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? (31 दिसंबर 2018 की वो रात)
यह पूरा मामला साल 2018 के आखिरी दिन (31 दिसंबर) की रात का है। शिकायतकर्ता विकास गुप्ता अपनी पत्नी अर्चना गुप्ता और बेटी के साथ नए साल के स्वागत की पार्टी के लिए नई दिल्ली के मंडी गांव (फतेहपुर बेरी) स्थित ‘रोज फार्म’ गए थे। यह फार्म उनके दोस्त संजीव सिंह का था। रात के करीब 12 बजे जब जश्न का माहौल था, तब सुरक्षाकर्मी हरि सिंह और संजीव सिंह के भाई (विधायक) राजू कुमार सिंह अपने-अपने हथियारों से हवा में ताबड़तोड़ गोलियां चला रहे थे। करीब 5 मिनट बाद राजू सिंह ने दोबारा फायरिंग की, जिसके तुरंत बाद विकास गुप्ता की पत्नी अर्चना गुप्ता अचानक जमीन पर गिर पड़ीं। उनके चेहरे से खून बह रहा था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
यूपी से हुई थी गिरफ्तारी, सबूत मिटाने की कोशिश
घटना की सूचना मिलने पर जब फतेहपुर बेरी थाना पुलिस जांच के लिए फार्म हाउस पहुंची, तो पाया कि घटनास्थल पर पड़े खून को साफ कर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। वारदात के बाद विधायक राजू सिंह और उनका ड्राइवर हरि सिंह फरार हो गए थे, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने 2 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के फाजिल नगर से गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान विधायक के पास से .22 कैलिबर की पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।
एम्स में तोड़ा दम; 302 से बदलकर 304 पार्ट 2 में दोषी
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहीं अर्चना गुप्ता ने 3 जनवरी 2019 को दम तोड़ दिया। एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक, मौत सिर में गोली लगने के कारण हुई थी। मौत के बाद पुलिस ने मामले में धारा 302 (हत्या) जोड़ी थी।हालांकि, कानूनी बहसों और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश (एमपी -एमएलए ) विशाल गोगने ने पाया कि यह इरादतन हत्या का नहीं, बल्कि लापरवाही और गैर इरादतन हत्या का मामला है। इसके बाद कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को आईपीसी की धारा 304 (पार्ट 2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी पाया। इस मामले में दोषी विधायक को कितनी सजा होगी, इस पर कोर्ट 9 जून को अगली सुनवाई करेगी।
पत्नी समेत तीन अन्य लोग हुए बरी
शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने विधायक की पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह के खिलाफ सबूत मिटाने की धाराओं में आरोप तय किए थे। लेकिन अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने विधायक राजू सिंह को छोड़कर बाकी तीनों आरोपियों (रेनू सिंह, राणा राजेश और रामेंद्र) को सभी आरोपों से ससम्मान बरी कर दिया। (नोट: दूसरे मुख्य आरोपी और ड्राइवर हरि सिंह का पहले ही निधन हो चुका है)।



