Bihar: मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन, 24 घंटे में 13 निजी अस्पताल सील

मुजफ्फरपुर: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में लगी भीषण आग के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। दो और मरीजों की मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने निजी अस्पतालों के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू किया है।
24 घंटे में 13 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत 24 घंटे के भीतर 13 निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को सील कर दिया गया। जांच में कई अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लाइसेंस संबंधी खामियां सामने आईं।प्रशासन ने सील किए गए अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सुरक्षित रूप से श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्थानांतरित कराया।
जांच के लिए बनाई गई तीन टीमें
एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार के नेतृत्व में एसकेएमसीएच के आसपास संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की गई। इसके लिए तीन अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया गया, जिनमें मुसहरी, मीनापुर, गायघाट और औराई पीएचसी के चिकित्सक शामिल थे।
कई अस्पतालों में मिली गंभीर लापरवाही
जांच के दौरान कई अस्पतालों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, लाइसेंस और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं पाया गया। कुछ अस्पताल बिना वैध लाइसेंस के संचालित होते मिले, जबकि कई जगह मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई।
सील किए गए अस्पतालों की सूची
प्रशासन द्वारा जिन संस्थानों को सील किया गया उनमें शामिल हैं—
बालाजी हेल्थ केयर
रेडियस हेल्थ केयर
संतोष चाइल्ड केयर हॉस्पिटल
आशा हेल्थ केयर
श्री गंगाराम इमरजेंसी हॉस्पिटल
तिरुपति नर्सिंग होम
आयुष्मान हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल
सम्राट हॉस्पिटल
एसएस हॉस्पिटल
हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल
भूमि चाइल्ड केयर हॉस्पिटल
ओम अल्ट्रासाउंड
मेदाता अस्पताल (पूर्व में सील)
प्रशासन बोला- मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार ने कहा कि प्रसाद अस्पताल अग्निकांड के बाद निजी स्वास्थ्य संस्थानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जांच में निर्धारित मानकों की अनदेखी और गंभीर कमियां पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
अग्निकांड के बाद बढ़ी स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी
प्रसाद अस्पताल हादसे ने निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन अब पूरे जिले में अस्पतालों की फायर सेफ्टी, लाइसेंस और स्वास्थ्य मानकों की व्यापक जांच करा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



