Delhi: दिल्ली मालवीय नगर होटल अग्निकांड के बाद सख्त कार्रवाई, अवैध निर्माण पर अधिकारियों से होगी वसूली

नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर में गुरुवार को एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद दिल्ली सरकार बेहद सख्त रुख अपना रही है। हादसे के बाद होटल निर्माण में सामने आई बड़े पैमाने पर लापरवाही को देखते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित एजेंसियों के साथ एक उच्च स्तरीय आपातकालीन बैठक की। इस बैठक में सीएम ने भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों को सीधे निशाने पर लेते हुए ऐतिहासिक और कड़े फैसले किए हैं।

अधिकारियों की सैलरी, पेंशन और संपत्ति से होगी वसूली

सरकार ने साफ कर दिया है कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए अब केवल मकान मालिक या बिल्डर ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र के अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे।रेवेन्यू रिकवरी एक्ट 1819 के तहत यदि किसी अवैध निर्माण के कारण जान-माल या सरकारी संपत्ति का नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई दोषी अधिकारियों से की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की सैलरी (वेतन), पेंशन और निजी संपत्ति को कुर्क कर रिकवरी की जाएगी।

लागू होगा डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट , होगी जेल

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में अब डीडीएमए एक्ट 2005 (डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट) को कड़ाई से लागू करने का फैसला किया गया है। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व अन्य लोगों को 2 साल तक की जेल और सजा भुगतनी होगी।

सभी एजेंसियों को कमान, जिला मजिस्ट्रेट हुए पावरफुल

अवैध निर्माणों और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए दिल्ली में काम कर रही सभी अलग-अलग एजेंसियों (एमसीडी , डीडीए आदि) के बीच समन्वय बनाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अब डीएम के पास सभी विभागों से जुड़े फैसले लेने और उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का पूर्ण अधिकार होगा।

अवैध निर्माणों और 5 मंजिला से ऊंची इमारतों को सील करने का आदेश

मंत्री आशीष सूद ने बताया कि एमसीडी को दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों को तुरंत सील करने का निर्देश दिया गया है।मालवीय नगर हादसे के बाद गठित विशेष कमेटी को अपने-अपने इलाकों में चल रहे सभी होटलों और गेस्ट हाउसों की सघन जांच करने और अवैध पाए जाने पर उन्हें तुरंत सील करने को कहा गया है। दिल्ली में ग्राउंड प्लस 5 (6 मंजिला या उससे अधिक) से ज्यादा ऊंचे सभी अवैध निर्माणों को चिन्हित कर सील करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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