Uttar Pradesh: बरेली में टीजीटी परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे 2 सॉल्वर गिरफ्तार

बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग (टीजीटी) परीक्षा 2026 के पहले दिन बरेली में दो सॉल्वर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं जिन अभ्यर्थियों के स्थान पर वे परीक्षा दे रहे थे, उनकी तलाश जारी है।

डेढ़ लाख रुपये में हुआ था सौदा

पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। यहां आजमगढ़ निवासी प्रमोद कुमार यादव फर्रुखाबाद के अभ्यर्थी विमल कुमार की जगह विज्ञान विषय की परीक्षा देने पहुंचा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों के बीच करीब 1.5 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। प्रमोद को एडवांस भुगतान भी किया गया था, जबकि बाकी रकम परीक्षा सफल होने के बाद मिलनी थी।

बरेली कॉलेज में पकड़ा गया दूसरा सॉल्वर

दूसरा मामला थाना बारादरी क्षेत्र स्थित बरेली कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। यहां अमेठी निवासी राम मनोहर प्रयागराज से आकर रविंद्र नामक अभ्यर्थी के स्थान पर सामाजिक विज्ञान की परीक्षा दे रहा था। जांच के दौरान उसकी पहचान संदिग्ध लगी, जिसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

बायोमेट्रिक और थंब इंप्रेशन से खुला राज

परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए जा रहे सत्यापन अभियान के दौरान दोनों आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। आधार कार्ड, प्रवेश पत्र, थंब इंप्रेशन और बायोमेट्रिक डेटा का मिलान करने पर पहचान मेल नहीं खाई। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे असली अभ्यर्थी नहीं हैं और पैसे लेकर परीक्षा देने पहुंचे थे।

एडीएम सिटी ने दी कड़ी चेतावनी

एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत है। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, थंब इंप्रेशन और आइरिस स्कैनिंग अनिवार्य है।उन्होंने कहा कि किसी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देना असंभव है और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

20 केंद्रों पर हुई परीक्षा

बरेली में 3 जून 2026 से शुरू हुई टीजीटी परीक्षा के लिए 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा में कुल 32,365 अभ्यर्थियों के शामिल होने की व्यवस्था की गई थी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी।

Exit mobile version