Uttar Pradesh: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़े खुलासे, बाथरूम में छिपाए जाते थे चढ़ावे के रुपये

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने शनिवार को आरोपी टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष को 39 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की।

बाथरूम में छिपाए जाते थे रुपये

पूछताछ में सामने आया कि चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित रूप से काउंटिंग रूम के पास बने बाथरूम में रुपये छिपाए जाते थे। जांच के अनुसार, जब भी चेकिंग टीम या मंदिर प्रबंधन के किसी अधिकारी के आने की सूचना मिलती थी, तो टिन्नू अपने भतीजे मनीष को सतर्क कर देता था।

चेकिंग के बाद निकाल लिए जाते थे पैसे

पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि चेकिंग टीम के जाने के बाद बाथरूम में छिपाए गए रुपये निकाल लिए जाते थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित चोरी में शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका पहले से तय थी और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए भी रणनीति बनाई गई थी।

राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए 2300 आवेदन

इसी बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए अब तक 2,300 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। ट्रस्ट जल्द ही नए सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।

निर्मोही अखाड़ा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

निर्मोही अखाड़े ने राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में ट्रस्ट को सार्वजनिक ट्रस्ट घोषित करने और उसके वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है।

2019 के फैसले के पालन की भी मांग

निर्मोही अखाड़े ने अपनी याचिका में यह भी अनुरोध किया है कि सुप्रीम कोर्ट यह जांच कराए कि वर्ष 2019 के फैसले में दिए गए निर्देशों का सही तरीके से पालन हुआ है या नहीं।

Exit mobile version