Jharkhand: मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल, 133 छात्रों को मिली डिग्री

जमशेदपुर: मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का संपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में एआई, रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थकेयर जैसी आधुनिक तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही हैं, ऐसे में चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

अस्पताल आशा के मंदिर, डॉक्टर जीवन के प्रहरी

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा और समाज को स्वस्थ बनाना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल सिर्फ भवन नहीं, बल्कि आशा के मंदिर हैं और डॉक्टर जीवन के प्रहरी होते हैं।उन्होंने झारखंड के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना समय की महत्वपूर्ण जरूरत है।

स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम के दौरान झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का संदेश वीडियो के माध्यम से प्रसारित किया गया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि अब उनकी जिम्मेदारियां पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं और उन्हें मानव सेवा के क्षेत्र में समर्पण के साथ कार्य करना होगा।

133 छात्र-छात्राओं को प्रदान की गई डिग्रियां

दीक्षांत समारोह में मेडिकल के कुल 133 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। राज्यपाल ने कई विद्यार्थियों को स्वयं अपने हाथों से डिग्री देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्रा देव अर्चना को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। समारोह में कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

चिकित्सा शिक्षा में नए अध्याय की शुरुआत

मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के पहले दीक्षांत समारोह को संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और समाज के प्रति डॉक्टरों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

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