
बांदा: उत्तर प्रदेश का बांदा जनपद इन दिनों भीषण और रिकॉर्ड तोड़ प्राकृतिक आपदा जैसी गर्मी की चपेट में है। पिछले कुछ दिनों से लगातार आसमान से बरस रही आग के बीच गुरुवार को बांदा में पारा सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए (48.2 डिग्री सेल्सियस) पर पहुंच गया। इस रिकॉर्ड तापमान के दर्ज होते ही बांदा आधिकारिक रूप से पूरे भारत का सबसे गर्म शहर बन गया है। लगातार बढ़ते पारे और जानलेवा लू को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने बांदा जिले को ‘रेड जोन’ में डाल दिया है।
सुबह 10 बजते ही सड़कों पर ‘स्वघोषित कर्फ्यू’ का नजारा
मौसम विभाग द्वारा रेड जोन घोषित किए जाने और लगातार दो दिनों से तापमान के 47 डिग्री सेल्सियस के पार रहने के कारण शहर में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। सुबह के 10 बजते ही धूप इतनी तेज और झुलसाने वाली हो जा रही है कि लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। दोपहर के समय मुख्य चौराहों और बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है, जिसे देखकर ऐसा लगता है मानो शहर में कर्फ्यू लगा हो।मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक स्थानीय निवासियों को इस भीषण गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आने वाले 48 घंटों में गर्म हवाओं (लू) के थपेड़े और तेज होने की आशंका है।
दुकानदारों और मजदूरों ने बदला काम का समय
इस झुलसा देने वाली गर्मी का सबसे बड़ा और सीधा असर स्थानीय व्यापार और दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ा है। जिंदा रहने और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए लोगों ने अपनी दिनचर्या पूरी तरह बदल ली है। बाजारों के व्यापारी अब सुबह 6:00 बजे ही अपनी दुकानें खोल ले रहे हैं और सुबह 10:00 बजते-बजते दुकानों के शटर वापस गिरा कर घरों को लौट रहे हैं। दोपहर में न तो कोई ग्राहक बाजार आ रहा है और न ही दुकानदार बैठ पा रहे हैं। यही स्थिति निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की भी है। मजदूर सुबह 7:00 बजे से 10:30 बजे तक काम करने के बाद सीधे 4 से 5 घंटे का लंबा ब्रेक ले रहे हैं। इसके बाद जब धूप की तपिश थोड़ी कम होती है, तब वे शाम 4:00 बजे के बाद दोबारा काम पर लौट रहे हैं।
जिला प्रशासन ने जूनियर हाईस्कूल तक के स्कूलों को किया बंद
बच्चों को इस जानलेवा लू और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के खतरे से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। बांदा के बेसिक शिक्षा अधिकारी बी.के. शर्मा ने एक आपातकालीन आदेश जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी जूनियर हाईस्कूल तक के विद्यालयों में पूर्ण अवकाश (छुट्टी) घोषित कर दिया है। प्रशासन ने अभिभावकों को भी सख्त हिदायत दी है कि वे दोपहर के समय बच्चों को किसी भी परिस्थिति में धूप में बाहर न जाने दें।अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। डॉक्टरों ने बांदा और आस-पास के नागरिकों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में बाहर निकलें। बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह सूती कपड़े से ढकें, चेहरे और सिर पर गमछा या तौलिया रखें और लगातार ओआरएस , नींबू पानी या ककड़ी-तरबूज जैसे तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।



