Bihar: पीएम मोदी की राह पर चले सीएम,अब ‘लोक सेवक आवास’ कहलाएगा मुख्यमंत्री का घर

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सत्ता के गलियारों से ‘खास’ होने का अहसास मिटाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास, जिसे अब तक ‘एक, अणे मार्ग’ के नाम से जाना जाता था, उसका आधिकारिक नाम बदलकर अब ‘लोक सेवक आवास’ कर दिया गया है।

जनसेवा का संदेश: क्यों बदला गया नाम?

मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य जनता के प्रति जवाबदेही और ‘सेवक’ होने का भाव जागृत करना है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिल्ली स्थित ‘7 रेसकोर्स रोड’ का नाम बदलकर ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ किया था। सम्राट चौधरी ने भी उसी राह पर चलते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि मुख्यमंत्री कोई शासक नहीं, बल्कि जनता का सेवक है।यह बंगला दशकों से सीएम आवास के रूप में जाना जाता रहा है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगभग 20 वर्षों तक रहे।

‘5 देशरत्न मार्ग’ भी अब सीएम आवास का हिस्सा

भवन निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री आवास के दायरे में भी विस्तार किया है। अब ‘एक अणे मार्ग’ के साथ-साथ ‘5 देशरत्न मार्ग’ स्थित बंगले को भी आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री आवास परिसर में शामिल कर लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी फिलहाल ‘5 देशरत्न मार्ग’ वाले बंगले में ही रह रहे हैं और यहीं से उनका आवासीय सचिवालय संचालित हो रहा है।

शुभ मुहूर्त पर शिफ्ट होंगे मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार ने 1 मई 2026 को ‘एक अणे मार्ग’ (अब लोक सेवक आवास) को खाली कर दिया था।बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी जल्द ही किसी शुभ मुहूर्त पर नए नाम वाले ‘लोक सेवक आवास’ में प्रवेश करेंगे। नाम बदलने की यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और अब सभी आधिकारिक दस्तावेजों में इसे इसी नाम से संबोधित किया जाएगा।

राज्यपालों के आवासों का भी बदला है स्वरूप

बिहार सरकार का यह फैसला उस कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें हाल के वर्षों में कई राज्यों में ‘राजभवन’ जैसे औपनिवेशिक काल के नामों को बदलकर ‘लोक भवन’ या जनसेवा से जुड़े नामों में परिवर्तित किया गया है।

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