Bihar: खुद को ‘ईडी डायरेक्टर’ बताने वाला महाठग गिरफ्तार; भोजपुर डीएम को व्हाट्सएप कॉल कर बनाया था दबाव

पटना/भोजपुर : बिहार पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक शातिर जालसाज अभिषेक भोपालका उर्फ अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को प्रवर्तन निदेशालय का निदेशक बताकर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को धमकाने और उनसे पैरवी कराने का काम करता था।
भोजपुर जिलाधिकारी को किया था फोन
ताजा मामला भोजपुर जिले से जुड़ा है, जहाँ जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली में तैनात ईडी का निदेशक बताया और किसी खास प्रशासनिक कार्य को तुरंत करने का दबाव बनाया। जिलाधिकारी को बातचीत के लहजे पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी। तकनीकी जांच में मोबाइल लोकेशन और टावर डंप के आधार पर कॉल करने वाले की पहचान अभिषेक अग्रवाल के रूप में हुई।
पटना के बुद्धा कॉलोनी से हुई गिरफ्तारी
भोजपुर पुलिस और एसटीएफ ने जाल बिछाकर आरोपी को पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित परमानंद राय पथ से दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से 2.61 लाख रुपये नकद और वह मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिससे उसने डीएम को कॉल किया था।आरोपी के पिता पटना में टाइल्स और मार्बल के बड़े कारोबारी हैं, लेकिन अभिषेक रसूख का झांसा देकर अधिकारियों को ठगने का आदी हो चुका था।
पुराना इतिहास: बन चुका है ‘चीफ जस्टिस’
अभिषेक अग्रवाल जालसाजी की दुनिया का पुराना खिलाड़ी है। उसका आपराधिक इतिहास बेहद चौंकाने वाला है। साल 2022 में अभिषेक ने खुद को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बताकर तत्कालीन डीजीपी एस. के. सिंघल को फोन किया था। उसने एक आईपीएस अधिकारी के पक्ष में पैरवी करने के लिए डीजीपी को कई बार कॉल किए थे।उस समय आर्थिक अपराध इकाई ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने फिर से ठगी शुरू कर दी।
आगे की जांच और एफआईआर
फिलहाल, नवादा थाने और भोजपुर प्रशासन की ओर से इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एसटीएफ अब यह खंगाल रही है कि ईडी निदेशक बनकर उसने और कितने अधिकारियों या विभागों से अवैध उगाही की है। पुलिस को संदेह है कि इस खेल में कुछ अन्य सफेदपोश लोग भी शामिल हो सकते हैं।



