Bihar: पटना सहित 6 जिलों में मई के तीसरे सप्ताह में होगा ‘ब्लैकआउट’, हवाई हमले से बचाव के लिए होगी मॉक ड्रिल

पटना : नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मई महीने के तीसरे सप्ताह में प्रदेश के 6 संवेदनशील जिलों— पटना, बेगूसराय, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में एक साथ ‘ब्लैकआउट’ मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।

सायरन बजते ही थम जाएगी बिजली

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह ड्रिल पूरी तरह युद्धकालीन स्थितियों के अनुरूप होगी। निर्धारित समय पर सभी संबंधित जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर तेज सायरन बजाए जाएंगे। सायरन बजते ही पूरे शहर की बिजली काट दी जाएगी। पिछले अनुभवों (जैसे 7 मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर) के आधार पर प्रशासन लोगों से गाड़ियों की हेडलाइट, इन्वर्टर की लाइट और मोबाइल टॉर्च भी बंद रखने की अपील कर सकता है।

क्यों चुनी गई ये 6 खास जगहें?

मॉक ड्रिल के लिए इन जिलों का चयन उनकी सामरिक और रणनीतिक संवेदनशीलता के कारण किया गया है।

पटना: राज्य की राजधानी होने के कारण यहाँ सभी महत्वपूर्ण संवैधानिक पद और कार्यालय स्थित हैं।

बेगूसराय: यहाँ बरौनी रिफाइनरी जैसा महत्वपूर्ण औद्योगिक ढांचा है।

सीमावर्ती जिले (पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया): ये जिले नेपाल और बांग्लादेश की सीमा के करीब होने के कारण हवाई सुरक्षा के नजरिए से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं।

केंद्र सरकार के निर्देश पर साल में दो बार आयोजन

डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार नागरिक सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए साल में कम से कम दो बार ऐसी मॉक ड्रिल अनिवार्य है। मई 2025 में आयोजित पिछली ड्रिल में इन जिलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा था।यह ड्रिल रात के समय ही आयोजित की जाएगी ताकि ब्लैकआउट के वास्तविक प्रभाव को जांचा जा सके।

तारीख का सस्पेंस बरकरार

मई के तीसरे सप्ताह में होने वाले इस आयोजन की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। प्रशासन जल्द ही विस्तृत शेड्यूल जारी करेगा ताकि नागरिक मानसिक रूप से तैयार रहें और किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की स्थिति पैदा न हो।

Exit mobile version