Bengal: पहले चरण के मतदान में भारी हिंसा; मुर्शिदाबाद में प्रत्याशी पर हमला, बीरभूम में पोलिंग एजेंट का फूटा सिर

कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज सुबह से ही वोटिंग के साथ-साथ हिंसक वारदातों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मुर्शिदाबाद और बीरभूम जिलों में टीएमसी और विपक्षी दलों के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई है।
मुर्शिदाबाद: हुमायूं कबीर को घेरा, कार पर पत्थरबाजी
मुर्शिदाबाद के नाओदा विधानसभा क्षेत्र में भारी तनाव देखा गया। ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के नेता हुमायूं कबीर जब शिबनगर गांव के एक बूथ पर पहुंचे, तो टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया।भीड़ ने उन्हें भाजपा का एजेंट बताते हुए उनकी कार पर पत्थरबाजी की। किसी तरह सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि टीएमसी के लोग पुलिस की मदद से मतदाताओं को धमका रहे हैं और केवल सत्ताधारी दल के पक्ष में वोट करने का दबाव बना रहे हैं।
बीरभूम: भाजपा पोलिंग एजेंट की पिटाई
बीरभूम जिले की लाभपुर सीट पर भी चुनावी रंजिश खूनी संघर्ष में बदल गई।भाजपा के पोलिंग एजेंट देबाशीष ओझा के साथ मारपीट की गई, जिसमें उनका सिर फट गया है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है।हालांकि, स्थानीय टीएमसी समर्थकों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे आपसी विवाद करार दिया है।
चुनाव आयोग को शिकायत और टीएमसी का पक्ष
हिंसा की घटनाओं पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
हुमायूं कबीर की मांग: कबीर ने चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बूथों के बाहर डराने-धमकाने का खेल चल रहा है, जिससे निष्पक्ष मतदान संभव नहीं है।
शाहिना मुमताज खान: टीएमसी प्रत्याशी शाहिना मुमताज खान ने हिंसा की घटनाओं को “दुखद” बताया, लेकिन पार्टी पर लगे आरोपों को बेबुनियाद कहा।
कई जगहों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तुरंत दखल देकर हालात को नियंत्रित किया, अन्यथा स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।



