खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित महादेवगढ मंदिर एक बार फिर चर्चा में है। अक्षय तृतीया के अवसर पर यहां एक प्रेमी युगल ने सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए विवाह रचाया।राजस्थान की रहने वाली युवती रुखसार ने भोपाल के युवक अजय के साथ विधि-विधान से सात फेरे लिए। विवाह से पहले मंदिर परिसर में युवती की ‘घर वापसी’ करवाई गई, जिसके बाद उसका नाम बदलकर राधिका रखा गया।
वैदिक रीति-रिवाज से हुआ विवाह
मंदिर परिसर में पंडितों की मौजूदगी में पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ विवाह सम्पन्न हुआ।पूजा-अर्चना, हवन और मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इस दौरान युवती के माथे पर तिलक लगाया गया और मंदिर परिसर में “जय श्रीराम” तथा “बजरंग बली” के जयकारे भी लगाए गए।मंदिर से जुड़े आकाश दुबे ने बताया कि युवक-युवती ने स्वयं संपर्क कर विवाह की इच्छा जताई थी। इसके बाद जिला प्रशासन को सूचना देकर सभी औपचारिकताओं के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रुखसार से बनी राधिका
विवाह से पहले युवती की ‘घर वापसी’ की प्रक्रिया पूरी कराई गई, जिसके बाद उसका नाम रुखसार से बदलकर राधिका रखा गया।युवती का कहना है कि उसका शुरू से ही सनातन धर्म के प्रति झुकाव था और उसने अपनी इच्छा से यह निर्णय लिया। उसने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन किए गए कार्य को शुभ और स्थायी माना जाता है, इसलिए इसी दिन विवाह का फैसला लिया गया।
परिवार की मर्जी के खिलाफ लिया फैसला
युवती ने स्पष्ट किया कि उसने यह विवाह अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ किया है।इस समारोह में उसके परिवार का कोई भी सदस्य शामिल नहीं हुआ। वहीं युवक अजय भोपाल का निवासी बताया जा रहा है, जो राजस्थान में एक कंपनी में काम करता है। दोनों की मुलाकात वहीं हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।
सुरक्षा की मांग
विवाह के बाद युवक अजय ने दावा किया कि युवती के परिवार की ओर से उन्हें धमकियां मिल रही हैं।उसने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है ताकि वे अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत सुरक्षित तरीके से कर सकें। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और प्रशासन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए जीवन की शुरुआत
मंदिर प्रबंधन ने विवाह सम्पन्न होने के बाद नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।कई सामाजिक चर्चाओं और विरोध के बीच इस जोड़े ने अपने रिश्ते को एक नई पहचान देते हुए जीवन की नई शुरुआत की है।
