किशनगंज : बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के किशनगंज दौरे के दौरान मंगलवार को उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए जिला प्रशासन ने पश्चिम बंगाल के रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ी भेज दी। इसे अपनी गरिमा और बिहार प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ मानते हुए मुख्य सचिव भड़क गए और गाड़ी में बैठने से साफ इनकार कर दिया।
प्रोटोकॉल में बड़ी चूक
मुख्य सचिव जैसे ही किशनगंज एयरपोर्ट पर उतरे, वहां खड़ी बंगाल नंबर की गाड़ी देख वे नाराज हो गए। इसके बाद मुख्य सचिव बंगाल नंबर की गाड़ी छोड़कर पूर्णिया प्रमंडलीय आयुक्त की सरकारी गाड़ी से समाहरणालय के लिए रवाना हुए। बैठक समाप्त होने के बाद भी उनकी नाराजगी कम नहीं हुई। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित लंच प्रोग्राम में हिस्सा नहीं लिया और बिना कुछ खाए ही तुरंत पटना के लिए रवाना हो गए।
सीमांचल की सुरक्षा पर ‘हाई लेवल’ मीटिंग
इस नाराजगी के बीच मुख्य सचिव और डीजीपी विनय कुमार ने सीमांचल की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक की।भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में सुरक्षा, घुसपैठ और बाहरी लोगों के अतिक्रमण की समीक्षा। बैठक में किशनगंज और अररिया के डीएम, एसपी के साथ-साथ सशस्त्र सीमा बल के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। सीमावर्ती जिलों में केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना।
अमित शाह की दिल्ली बैठक से पहले की तैयारी
यह दौरा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बनाई गई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। गृह मंत्री ने फरवरी में तीन दिनों तक सीमांचल (पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया) का दौरा कर घुसपैठ रोकने की कार्ययोजना तैयार की थी।अगले महीने गृह मंत्री दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को शामिल होना है। इसी बैठक की तैयारी के मद्देनजर आज किशनगंज में जमीनी हकीकत का जायजा लिया गया।
