Bihar:महिला आरक्षण बिल पर एनडीए का विशाल जन आक्रोश मार्च,जंजीरें बांधकर पहुंचीं कार्यकर्ता

पटना : लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को बहुमत न मिलने से आक्रोशित एनडीए की महिला कार्यकर्ताओं ने आज राजधानी पटना में ऐतिहासिक ‘जन आक्रोश मार्च’ निकाला। भाजपा, जदयू, एलजेपी (आर), हम और आरएलएम से जुड़ी हजारों महिलाओं ने तिरंगा और पोस्टर लेकर गांधी मैदान से कारगिल चौक तक मार्च किया और विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रतीकात्मक विरोध: जंजीरें बांधकर संदेश
प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला जब एक महिला कार्यकर्ता अपने हाथों में लोहे की जंजीरें बांधकर धरना स्थल पर पहुंची। उसने मीडिया से कहा कि ये जंजीरें उन बेड़ियों का प्रतीक हैं जिन्हें महिलाएं अब तोड़ चुकी हैं। सड़कों पर “हम भारत की नारी हैं, हम फूल नहीं चिंगारी हैं” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी और ओवैसी के पोस्टरों पर कालिख पोतकर उन्हें “नारी शक्ति का विरोधी” बताया।
दिग्गजों की मौजूदगी और नेतृत्व
इस मार्च में एनडीए की प्रमुख महिला हस्तियों ने शिरकत की और आंदोलन को धार दी।अंतरराष्ट्रीय शूटर और विधायक श्रेयसी सिंह, मंत्री लेसी सिंह और पटना की मेयर सीता साहू ने मार्च का नेतृत्व किया।सीता साहू ने कहा “राजद और कांग्रेस का गठबंधन केवल सत्ता के लिए है, ये कभी नहीं चाहते कि महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनें।कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सहयोगियों ने संसद में बिल का विरोध कर अपना असली चेहरा दिखा दिया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कड़ी चेतावनी
मार्च को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अपराधियों और विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा”अगर किसी ने महिलाओं को असुरक्षित करने की कोशिश की, तो वे बचेंगे नहीं। उन्हें पाताल लोक से भी खोज निकालेंगे। महिलाओं को उनका 33 प्रतिशत हक मिलकर रहेगा।”
मार्च का मुख्य उद्देश्य
एनडीए की महिला विंग का यह प्रदर्शन पूरी तरह से महिला आरक्षण बिल को संसद में अवरुद्ध करने के विरोध में था। नेताओं का कहना है कि यह मार्च केवल शुरुआत है और यदि विपक्ष ने अपना रुख नहीं बदला, तो यह आंदोलन गांव-गांव तक जाएगा।



