जमशेदपुर। भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई ने शनिवार को मानगो नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स में की गई बढ़ोतरी के विरोध में उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार के उस निर्णय का विरोध किया, जिसके तहत राज्य के सभी नगर निकायों में होल्डिंग टैक्स की नई गणना व्यवस्था लागू करते हुए 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।
आम जनता पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं ने कहा कि सरकार का यह फैसला मानगो क्षेत्र की आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ डालने वाला है। उनका कहना था कि टैक्स बढ़ोतरी का असर फ्लैट में रहने वाले परिवारों, पक्के और कच्चे मकानों के मालिकों, छोटे दुकानदारों, शोरूम संचालकों और मध्यम वर्गीय व्यवसायियों पर व्यापक रूप से पड़ेगा।
बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया
बीजेपी नेताओं ने मानगो की जमीनी स्थिति को बेहद खराब बताते हुए कहा कि यहां के लोगों को अभी तक पानी, सड़क, सफाई और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में टैक्स में बढ़ोतरी करना जनता के साथ अन्याय और शोषण के समान है।उन्होंने कहा कि पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रही जनता के लिए यह वृद्धि “असहनीय” है।
मानगो में गहराता जल संकट
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में बढ़ते जल संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही मानगो में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है और लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी को तरस रहे हैं।
खासकर दिहाड़ी मजदूरों को सुबह से ही पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे उनके बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
सरकार से फैसला वापस लेने की मांग
बीजेपी ने प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की है कि होल्डिंग टैक्स में की गई बढ़ोतरी को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि जब तक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं में सुधार नहीं होता, तब तक किसी भी प्रकार की टैक्स वृद्धि नहीं की जानी चाहिए।पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता से जुड़े निर्णय लेने से पहले स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से परामर्श किया जाना चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
बीजेपी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो मानगो की जनता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
