भभुआ (कैमूर): बिहार के भभुआ शहर में रेस्टोरेंट का खाना खाने के बाद एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सारंगपुर निवासी 20 वर्षीय विशाल कुमार तिवारी के रूप में हुई है। वहीं उसके छोटे भाई विनायक तिवारी और दोस्त देवराज कुमार सिंह की तबीयत भी खराब हो गई, जिनका इलाज भभुआ सदर अस्पताल में कराया गया।बताया जा रहा है कि तीनों ने मंगलवार रात शहर के एक रेस्टोरेंट से मंचूरियन और पनीर खरीदकर खाया था। खाना खाने के कुछ घंटों बाद ही तीनों की तबीयत बिगड़ गई।
रात में शुरू हुई उल्टी, अस्पताल पहुंचते ही युवक को मृत घोषित किया
मृतक के पिता मारकेंडय तिवारी के अनुसार, विशाल मंगलवार रात करीब 9 बजे घर से निकला और भभुआ के समाहरणालय पथ स्थित एक रेस्टोरेंट से मंचूरियन और पनीर खरीदकर घर आया। रात 9:35 बजे ऑनलाइन भुगतान किया गया था।करीब 10:30 बजे तीनों ने खाना खाया, जिसके बाद रात 12:30 बजे से उल्टी शुरू हो गई। तड़के 3:30 बजे हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें भभुआ सदर अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टर ने विशाल को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
मृतक के पिता ने सदर अस्पताल के डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब वे अपने बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने केवल औपचारिक जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया।परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने ईसीजी और अन्य जांच करने की मांग की, तो डॉक्टर ने गाली-गलौज कर उन्हें भगा दिया।
निजी अस्पताल में बताया गया — कुछ देर पहले ही हुई थी मौत
परिजन विशाल को लेकर शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि युवक की मौत करीब 15 मिनट पहले ही हुई थी। इससे परिजनों ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में उसे जीवित रहते मृत घोषित कर दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार
हालांकि भभुआ सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि डॉक्टर नब्ज, धड़कन और श्वसन प्रक्रिया की जांच कर क्लीनिकल आधार पर मौत की पुष्टि कर सकते हैं, जो एक स्थापित चिकित्सा प्रक्रिया है।
प्रशासन ने रेस्टोरेंट को किया सील
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने समाहरणालय पथ स्थित रेस्टोरेंट को सील कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने मृतक के घर और रेस्टोरेंट से खाद्य पदार्थ के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।एसडीओ अमित कुमार, प्रभारी एसडीपीओ अनिकेत कुमार, बीडीओ सतीश कुमार सिंह और भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
उपनयन संस्कार की चल रही थी तैयारी
परिजनों ने बताया कि 20 अप्रैल को विशाल का जनेऊ संस्कार (उपनयन संस्कार) होना था। इसके लिए कार्ड बांटे जा चुके थे और घर में तैयारियां चल रही थीं। अचानक हुई इस घटना से परिवार में मातम छा गया है।
पोस्टमार्टम और विसरा जांच
डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम — डॉ. शाहिल राज, डॉ. शितेश कुमार और डॉ. संतोष कुमार सिंह — ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान आंतरिक अंगों के नमूने (विसरा) सुरक्षित रखे गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा जाएगा।पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
