पटना पुलिस महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब पटना के एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई पंचमहला थाना और हाथीदह थाना के प्रभारी अधिकारियों पर की गई है।
सोनू-मोनू के घर छापेमारी के दौरान हुआ था विवाद
पूरा मामला मोकामा के चर्चित सोनू-मोनू गैंग से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार मोकामा विधायक अनंत सिंह के करीबी माने जाने वाले मुकेश सिंह पर हाल ही में फायरिंग हुई थी। इसी मामले में पंचमहला और हाथीदह थाना की पुलिस संयुक्त रूप से नौरंगा जलालपुर गांव स्थित सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने पहुंची थी।
घर में घुसने से पहले पुलिसकर्मियों की हुई ‘चेकिंग’
छापेमारी के दौरान एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। परिजनों ने पुलिस को सीधे घर में प्रवेश नहीं करने दिया।परिवार वालों को आशंका थी कि पुलिस घर में कोई अवैध सामान रखकर उन्हें झूठे मामले में फंसा सकती है। इसके बाद परिजनों ने दरवाजे पर ही पुलिसकर्मियों की तलाशी ली और फिर उन्हें घर में प्रवेश करने दिया।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली और साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मामला सामने आते ही एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बाढ़ एसडीपीओ को जांच का जिम्मा सौंपा।
जांच रिपोर्ट के बाद हुआ निलंबन
बाढ़ एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट में दोनों थानाध्यक्षों की कार्यशैली को गैर-पेशेवर और बेहद असंतोषजनक बताया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
मोकामा में पुराना है गैंग और वर्चस्व का विवाद
गौरतलब है कि मोकामा में सोनू-मोनू गैंग और अनंत सिंह गुट के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इससे पहले भी नौरंगा गांव में दोनों पक्षों के बीच फायरिंग और हिंसक झड़पों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
