पटना : राजधानी पटना में बुधवार को जनशक्ति जनता दल की प्रदेश कार्यकारिणी की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में न केवल संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई, बल्कि आगामी चुनावों के लिए एक महात्वाकांक्षी रोडमैप भी तैयार किया गया। बैठक में बिहार के सभी 38 जिलों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
‘मिशन 38 लाख’: संगठन विस्तार की नई रणनीति
जेजेडी ने बिहार की राजनीति में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। पार्टी ने राज्य के प्रत्येक जिले में 1 लाख नए सदस्य जोड़ने का संकल्प लिया है। इस तरह पूरे बिहार में 38 लाख सदस्यों का एक विशाल संगठन खड़ा करने की योजना है। संगठन को धार देने के लिए 45 सदस्यों की एक नई टीम तैयार की गई है, जिसमें युवाओं के जोश और वरिष्ठों के अनुभव का तालमेल बिठाया गया है। राज्य के सभी 38 जिलों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीति पर काम करेंगे।
तेज प्रताप यादव का पलटवार: “निशांत कुमार अभी नए हैं”
बैठक के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए तेज प्रताप यादव ने कई अहम बयान दिए।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को भविष्य के चेहरे के रूप में पेश किए जाने की चर्चाओं पर तेज प्रताप ने कहा कि वे अभी राजनीति में नए हैं और उन्हें अनुभव की कमी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उनका व्यक्तिगत सम्मान करते हैं लेकिन उन्हें अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। मुख्यमंत्री पद के लिए उन्होंने सम्राट चौधरी के नाम पर अपनी सहमति जताते हुए कहा कि यदि वे इस पद पर आते हैं, तो उन्हें उनका पूरा समर्थन रहेगा। उन्होंने राज्य में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी हकीकत में शराब हर जगह उपलब्ध है, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
“बिहार गरीब नहीं, दिल का अमीर है”
तेजस्वी यादव द्वारा केरल में दिए गए एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि बिहार को “गरीब” कहना उचित नहीं है। बिहार “दिल का अमीर” है और इस तरह के बयानों से बचना चाहिए।
स्थानीय निकायों पर फोकस, बंगाल से दूरी
पार्टी ने अपनी चुनावी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए दो बड़े निर्णय लिए। जेजेडी इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं लड़ेगी।पार्टी का पूरा ध्यान स्थानीय निकाय चुनावों के माध्यम से संगठन की जड़ों को मजबूत करने पर रहेगा, ताकि आने वाले विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत के साथ उतरा जा सके।बैठक के समापन पर नेताओं ने एकजुट होकर “परिवर्तन की लड़ाई” लड़ने का संकल्प लिया और कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर पार्टी की विचारधारा पहुँचाने की अपील की।
