Bihar: एसडीएम कार्यालय के लिपिक और स्टेनो 70 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

भागलपुर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को भागलपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सदर एसडीएम कार्यालय में तैनात लिपिक मयंक कुमार और स्टेनो प्रेम कुमार को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पटना से आई विशेष टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया।
सर्विस कंफर्मेशन के बदले मांगी थी ‘अवैध राशि’
मामला नाथनगर आपूर्ति विभाग से जुड़ा है, जहाँ कार्यरत कर्मचारी अभिजीत कुमार की सेवा संपुष्टि की फाइल लंबे समय से अटकी हुई थी। आरोप है कि फाइल को आगे बढ़ाने और प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर लिपिक और स्टेनो द्वारा लगातार 70 हजार रुपये की अवैध राशि की मांग की जा रही थी। भ्रष्टाचार से तंग आकर अभिजीत कुमार ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से की। विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद जाल बिछाने की योजना बनाई।
9 सदस्यीय टीम का ‘ऑपरेशन क्लीन’
शिकायत की पुष्टि होने के बाद डीएसपी विंध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम गठित की गई।सोमवार को जैसे ही एसडीएम कार्यालय परिसर में रिश्वत की राशि का लेन-देन हुआ, पहले से तैनात निगरानी की टीम ने मयंक कुमार और प्रेम कुमार को धर दबोचा।अचानक हुई इस छापेमारी से एसडीएम कार्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। कर्मचारी और अधिकारी अपनी-अपनी सीटों से उठकर बाहर निकल आए। गिरफ्तारी के बाद प्रारंभिक कागजी कार्यवाही पूरी कर निगरानी की टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ पटना ले गई है, जहाँ उनसे सघन पूछताछ की जा रही है।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप और सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद भागलपुर के प्रशासनिक महकमे में सनसनी फैल गई है। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी कर्मी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।गिरफ्तार किए गए दोनों कर्मियों के संपत्तियों और पिछले रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा सकती है ताकि भ्रष्टाचार के अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके।



