Bihar: नालंदा के मेडिकल कॉलेज पर सुविधाएं ‘शून्य’, जीएनएम छात्राओं का फूटा गुस्सा

नालंदा (पावापुरी): बिहार के नालंदा स्थित करोड़ों रुपये की लागत से बना वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। कॉलेज में पिछले एक साल से बनीं बुनियादी समस्याएं अब विकराल रूप ले चुकी हैं। बीते दो दिनों से बिजली और पानी के संकट से त्रस्त जीएनएम छात्राओं ने सोमवार को कॉलेज कैंपस में प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
“शौचालय तक जाना हुआ दूभर”: छात्राओं का छलका दर्द
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने संस्थान की कुव्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिछले 48 घंटों से बिजली गुल होने के कारण पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। पानी के अभाव में हॉस्टल के शौचालय इस्तेमाल के लायक नहीं बचे हैं। छात्राओं ने रोष जताते हुए कहा कि स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि उन्हें शौच के लिए परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है, जो उनके लिए बेहद शर्मिंदगी और असुरक्षा का विषय है।
पढ़ाई और दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित
छात्राओं का आरोप है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है।छात्राओं के अनुसार, उन्होंने कई बार कॉलेज प्रबंधन को लिखित रूप में समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। वहीं, कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि तकनीकी खराबी के कारण बिजली संकट पैदा हुआ है। संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है और जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर जलापूर्ति बहाल की जाएगी।
बदहाली पर उठते सवाल
पावापुरी स्थित यह मेडिकल कॉलेज न केवल नालंदा बल्कि आसपास के कई जिलों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा का बड़ा केंद्र है। करोड़ों के बजट के बावजूद एक साल से समस्याओं का अंबार लगे रहना प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है।
“हम यहाँ डॉक्टर और नर्स बनने आए हैं, लेकिन हमें बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। बिना बिजली-पानी के हम हॉस्टल में कैसे रहें?” — आक्रोशित जीएनएम छात्राएं



