नालंदा : बिहार के नालंदा जिले में अवैध मादक पदार्थों के सिंडिकेट के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के परबलपुर थाना क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती का भंडाफोड़ करते हुए उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की और लहलहाती फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
गुप्त सूचना पर संयुक्त छापेमारी
उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि परबलपुर के एक ग्रामीण इलाके में चोरी-छिपे अफीम की प्रतिबंधित खेती की जा रही है। सूचना की सटीकता की जांच के बाद, उत्पाद विभाग और नालंदा पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और संबंधित स्थल पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान लगभग 8 कट्ठा भूमि पर अफीम की फसल लगी हुई पाई गई।पुलिस टीम ने ट्रैक्टर और अन्य साधनों की मदद से मौके पर ही पूरी फसल को नष्ट कर दिया, ताकि इसे बाजार में तस्करी के लिए न भेजा जा सके।
6 नामजद आरोपियों पर कानूनी शिकंजा
उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि अफीम की खेती कानूनन पूरी तरह प्रतिबंधित है और एनडीपीएस एक्ट के तहत यह एक गंभीर अपराध है।पुलिस ने उन 6 खेत मालिकों की पहचान कर ली है जिनकी जमीन पर यह अवैध खेती की जा रही थी। सभी 6 आरोपियों के विरुद्ध संबंधित थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
यह कार्रवाई बिहार सरकार के निर्देश पर मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों में अफीम या किसी भी प्रतिबंधित नशीले पदार्थ की खेती करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
