मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों के एक बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त किया है। उदाकिशुनगंज अनुमंडल के रतवारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ‘मिनी गन फैक्ट्री’ का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त छापेमारी में भारी मात्रा में अर्द्धनिर्मित हथियार और उसे बनाने वाली मशीनें जब्त की गई हैं।
गुप्त सूचना पर एसटीएफ और पुलिस का साझा एक्शन
पुलिस को सूचना मिली थी कि गंगापुर बलहा बासा गांव में राजीव सिंह के घर के भीतर गुपचुप तरीके से हथियार बनाने का काम चल रहा है। इस पर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया जिसमें एसटीएफ, डीआईयू मधेपुरा, रतवारा और आलमनगर थाना की पुलिस शामिल थी।
घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोचा
पुलिस ने जैसे ही गांव में राजीव सिंह के घर को चारों ओर से घेरा, वहां अफरा-तफरी मच गई। दो लोगों ने भागने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया।दुनो सिंह के पास से लोडेड देशी कट्टा और जिंदा कारतूस मिला।पाण्डव कुमार के पास से एक देशी मास्केट बरामद हुआ ।दोनों आरोपी इसी गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
छापेमारी में बरामद जखीरा
छापेमारी में अर्द्धनिर्मित पिस्टल:32,पिस्टल स्लाइड: 06,पिस्टल ग्रीप: 26,देशी मास्केट:02,जिंदा कारतूस: 19लेथ मशीन व उपकरण,भारी मात्रा में बरामद किया है, इसके अलावा पुलिस ने मैगजीन, कट्टा बैरल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
मुंगेर कनेक्शन: कई जिलों में होती थी सप्लाई
उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ‘मुंगेर कनेक्शन’ सामने आया है। यहां मुंगेर के कारीगरों की मदद से उच्च गुणवत्ता वाले अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। आशंका है कि यहां से निर्मित हथियारों की सप्लाई कोसी और सीमांचल के कई जिलों में की जा रही थी।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड्स की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
