
हापुड़: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण देशभर में मचे एलपीजी हाहाकार के बीच उत्तर प्रदेश के हापुड़ में प्रशासन ने कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार रात स्थानीय प्रशासन और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक घर से 32 अवैध एलपीजी सिलेंडर बरामद किए। इस कार्रवाई से जिले के जमाखोरों में हड़कंप मच गया है।
रात 9 बजे ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 18 भरे सिलेंडर जब्त
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश पर गठित विशेष टीम को सूचना मिली थी कि शहर के एक रिहायशी इलाके में सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया गया है। टीम ने बुधवार रात करीब 9 बजे संदिग्ध घर पर छापा मारा, जहां से 18 भरे हुए और 14 खाली सिलेंडर मिले।आरोपी व्यक्ति सिलेंडरों से जुड़े वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जिला आपूर्ति अधिकारी सीमा बलियान ने बताया कि आरोपी के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
टियाला गोदाम पर बेकाबू भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा
गैस की किल्लत का आलम यह है कि हापुड़ के ग्रामीण और शहरी इलाकों में सिलेंडरों के लिए मारामारी मची हुई है। हापुड़ के तियाला गांव स्थित भारत गैस गोदाम पर हजारों की संख्या में उपभोक्ता पहुंच गए। सुबह 10 बजे तक भीड़ इतनी बढ़ गई कि लोगों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक होने लगी।स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस अब कतारबद्ध तरीके से लोगों को सिलेंडर उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है।
प्रशासन की चेतावनी: “जमाखोरों की अब खैर नहीं”
जिला आपूर्ति अधिकारी सीमा बलियान ने स्पष्ट किया है कि जिले की सभी तहसीलों में विशेष टीमें गश्त कर रही हैं।”युद्ध के हालात का फायदा उठाकर अगर कोई भी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण करेगा, तो उसे जेल भेजा जाएगा। जिलाधिकारी खुद इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।”
उपभोक्ताओं की अपील: सप्लाई चैन सुधारे सरकार
एक ओर जहां गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी हैं, वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन को वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लानी चाहिए ताकि जरूरतमंदों को भटकना न पड़े।



