UP-मेरठ सौरभ हत्याकांड: हत्यारी पत्नी मुस्कान ने जेल में दिया बेटी को जन्म, पति के जन्मदिन पर हुआ जन्म; डीएनए टेस्ट से खुलेगा बच्ची के पिता का राज

मेरठ: मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड की क्रूर और सनसनीखेज कहानी में एक नया और अत्यंत भावनात्मक मोड़ आ गया है। अपने पति की निर्मम हत्या की दोषी पत्नी मुस्कान ने जेल में एक बेटी को जन्म दिया है। सबसे विचित्र और चौंकाने वाला संयोग यह है कि बच्ची का जन्म ठीक उसी तारीख को हुआ है, जिस दिन मृत पति सौरभ राजपूत का जन्मदिन होता था।

क्रूर हत्याकांड और 8 महीने 21 दिन बाद जन्म

यह घटना मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की इंदिरा नगर कॉलोनी की है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।3 मार्च 2025 को मुस्कान ने विदेश में नौकरी करने वाले अपने पति सौरभ राजपूत को खाने में बेहोशी की गोली मिलाकर सुला दिया था। इसके बाद उसने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ का गला रेता और चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। हत्या के बाद शव को कई टुकड़ों में काटा गया और पहले से खरीदे गए नीले रंग के बड़े प्लास्टिक ड्रम में सीमेंट का घोल भरकर ठूंस दिया गया था।हत्या के अगले ही दिन मुस्कान अपने प्रेमी साहिल के साथ मौज मस्ती करने हिमाचल चली गई थी। 17 मार्च को हत्याकांड का खुलासा हुआ और दोनों को जेल भेज दिया गया।

बच्ची का जन्म

मुस्कान ने पति की हत्या के ठीक 8 महीने 21 दिन बाद जेल में बेटी को जन्म दिया है।

न्यायालय के सामने पितृत्व का जटिल प्रश्न

बच्ची के जन्म का समय अंतराल (8 महीने 21 दिन) चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से ऐसा है कि पिता सौरभ भी हो सकता है।यदि बच्ची का जन्म हत्या की तारीख से नौ महीने के भीतर हुआ है, तो कानूनी और सामाजिक रूप से पिता के रूप में सौरभ का नाम जुड़ सकता है। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में मुस्कान और प्रेमी साहिल के बीच शारीरिक संबंध की बात भी सामने आई थी। ऐसे में बच्ची का प्रेमी साहिल भी संदेह के घेरे में है।जांच अधिकारियों के लिए यह तय करना मुश्किल होगा कि इस बच्ची का पिता कौन है। न्यायालय के सामने पितृत्व का यह एक जटिल प्रश्न खड़ा हो गया है। इस स्थिति में, डीएनए जांच से ही अंतिम फैसला संभव होगा।फिलहाल, जघन्य अपराध की दोषी मुस्कान जेल की सलाखों के पीछे है, और इस विचित्र संयोग ने पूरे मामले को एक संवेदनशील और कानूनी पहेली बना दिया है।

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