Uttar Pradesh: नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, 25 हजार का इनामी मेडिकल स्टोर संचालक सुमित केसरवानी गिरफ्तार

कानपुर: शहर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोडीनयुक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाले 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी सुमित केसरवानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रायपुरवा के देवनगर स्थित बालाजी मेडिकल स्टोर का संचालक सुमित, दवाओं की आड़ में नशे का जाल फैला रहा था।

लाइसेंस खत्म होने के बाद भी जारी थी सप्लाई

डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह के अनुसार, सुमित केसरवानी का रिटेल बिक्री लाइसेंस समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद वह अवैध रूप से दवाओं की सप्लाई कर रहा था। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि उसने कानपुर और आसपास के इलाकों के 74 मेडिकल स्टोर में कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई की थी।

55 रुपये की दवा 160 रुपये में बिक्री

पूछताछ में तस्करी के मुनाफे का बड़ा खेल उजागर हुआ है।लखनऊ की इदिका लैब साइंसेज से प्रति शीशी करीब 55 रुपये की लागत में सिरप खरीदा जाता था। नशा करने वालों और छोटे मेडिकल स्टोर्स को यही सिरप 140 से 160 रुपये तक में बेचा जाता था।आरोपित ने अवैध तरीके से 55,671 कफ सिरप और 1.20 लाख एल्प्राजोलम टैबलेट खरीदी थीं।

बिना पर्चे और रजिस्टर के चलता था खेल

ड्रग इंस्पेक्टर की जांच में पाया गया कि सुमित केसरवानी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के नियमों की धज्जियां उड़ा रहा था। 12 अक्टूबर 2025 को हुई छापेमारी के दौरान न तो कोई स्टॉक रजिस्टर मिला और न ही डॉक्टर के पर्चे। अवैध भंडारण के इस मामले में औषधि निरीक्षक ने रायपुरवा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था।

बड़े गिरोह से जुड़े हैं तार

क्राइम ब्रांच प्रभारी सूर्यबली पांडेय ने बताया कि सुमित के तार नशीली दवाओं के बड़े सरगना विनोड अग्रवाल से भी जुड़े हैं, जिससे उसने लाखों रुपये की दवाएं खरीदी थीं। इसके अलावा, लखनऊ की जिस इदिका लैब से सप्लाई आती थी, उस पर भी लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में अवैध भंडारण की रिपोर्ट दर्ज है।

“सुमित केसरवानी के खिलाफ किदवई नगर और रायपुरवा में मुकदमे दर्ज हैं। इस सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
— श्रवण कुमार सिंह, डीसीपी क्राइम

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