रांची: झारखंड के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाला समय आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। राज्य की प्रमुख बिजली वितरण कंपनी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बिजली दरों में लगभग 60 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है।यदि आयोग इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो राज्य में बिजली दरें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती हैं।
प्रस्तावित नई दरें: एक नजर में
उपभोक्ता श्रेणी वर्तमान दर (प्रति यूनिट) प्रस्तावित नई दर (प्रति यूनिट)
शहरी घरेलू ₹6.85 ₹10.30
ग्रामीण घरेलू ₹6.70 ₹10.20
व्यावसायिक — ₹11.00 तक
इसके अलावा फिक्स्ड चार्ज में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। यानी उपभोक्ता कम बिजली उपयोग करें या अधिक, मासिक बिल का न्यूनतम हिस्सा पहले से ज्यादा देना पड़ सकता है।
27 फरवरी को धनबाद में जनसुनवाई
बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि पर अंतिम निर्णय से पहले आयोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत 27 फरवरी 2026 को धनबाद में जनसुनवाई आयोजित करेगा।इस दौरान आम नागरिक, व्यापारी, उद्यमी और सामाजिक संगठन अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकेंगे। जनसुनवाई के बाद आयोग JBVNL के वित्तीय घाटे और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए अंतिम फैसला सुनाएगा।
उद्योग और व्यापार जगत में चिंता
प्रस्तावित बढ़ोतरी का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।उद्यमियों का कहना है कि बिजली दरें बढ़ने से उत्पादन लागत में वृद्धि होगी, जिसका असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
