Maharashtra: यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल को 10 साल की जेल, बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच का फैसला
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने ‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इससे पहले अदालत उन्हें मामले में दोषी ठहरा चुकी थी।यह फैसला गोवा सरकार की उस अपील पर आया, जिसमें वर्ष 2021 में गोवा की सेशंस कोर्ट द्वारा तरुण तेजपाल को बरी किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2013 में एक महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 7 और 8 नवंबर 2013 को गोवा के एक होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने अपनी जूनियर सहयोगी के साथ कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया।शिकायत के बाद 30 नवंबर 2013 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में 29 सितंबर 2017 को अदालत ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए, जिनमें दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और गलत तरीके से बंधक बनाने जैसे आरोप शामिल थे। हालांकि, तेजपाल ने शुरुआत से ही खुद को निर्दोष बताया।
सरेंडर के लिए मांगा 8 सप्ताह का समय
सजा सुनाए जाने के बाद तरुण तेजपाल ने अदालत से आत्मसमर्पण (सरेंडर) के लिए आठ सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि वे इस मामले में राजनीतिक साजिश का शिकार हुए हैं और फैसले के खिलाफ आगे कानूनी विकल्प अपनाएंगे।
दोषी ठहराए जाने के बाद क्या कहा?
दोषी ठहराए जाने के बाद तरुण तेजपाल ने अदालत में कहा,”मैं 62 साल का हूं और मेरा मानना है कि मैं पीड़ित हूं। मेरी पत्नी है और इसके अलावा कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि हम अपील कर सकते हैं। कृपया मेरे लिए नरमी बरतें।”



