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Jharkhand: समाहरणालय से ‘पोषण जागरूकता रथ’ रवाना; उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा- कुपोषण मुक्त समाज के लिए ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’

जमशेदपुर: राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिले में कुपोषण के उन्मूलन और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता फैलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार को जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त राजीव रंजन ने जमशेदपुर समाहरणालय परिसर से पोषण जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने संतुलित आहार और सामुदायिक सहभागिता को सुपोषित समाज के निर्माण के लिए अति आवश्यक बताया।

‘मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0’ के तहत 8 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

केंद्र सरकार की पहल ‘मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0’ के तहत जिले में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में पोषण माह मनाया जा रहा है।इस वर्ष अभियान की मुख्य थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखी गई है, जिसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, बाल विकास परियोजना कार्यालयों और जिला स्तर पर लगातार जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

उपायुक्त का सख्त निर्देश: इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर रहेगा विशेष फोकस

जागरूकता रथ की रवानगी के बाद उपायुक्त राजीव रंजन ने संबंधित प्रशासनिक व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को 5 मुख्य प्राथमिकताओं पर मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया:

पोषण माह के 5 मुख्य स्तंभ:

आहार में विविधता व प्रोटीन: दैनिक भोजन में पर्याप्त प्रोटीन और पोषक तत्वों को शामिल करने के प्रति जागरूकता।

ताजा व पका भोजन: आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण, ताजा और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना।

मातृ स्वास्थ्य प्रोत्साहन: ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के तहत गर्भवती और धात्री माताओं को वित्तीय व स्वास्थ्य प्रोत्साहन प्रदान करना।

प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल : बच्चों के सर्वांगीण शारीरिक-मानसिक विकास और शिक्षा पर विशेष ध्यान देना।

सामुदायिक जवाबदेही: आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में स्थानीय ग्रामीणों और समुदाय की भागीदारी तय करना।

शहरी और ग्रामीण इलाकों में घूम-घूम कर अलख जगाएगा ‘पोषण रथ’

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कुपोषण को खत्म करना केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।हरित झंडी दिखाकर रवाना किया गया पोषण जागरूकता रथ जिले के विभिन्न शहरी क्षेत्रों (बर्मामाइंस, साकची, मानगो, जुगसलाई आदि) के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में पहुंचेगा। लाउडस्पीकर, ऑडियो-विजुअल संदेशों और पम्फलेट्स के माध्यम से यह रथ गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अभिभावकों को संतुलित आहार, स्तनपान के महत्व और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देगा।

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