Jharkhand: रांची में महागठबंधन का ‘परफेक्ट 100%’ का गणित, मॉक पोल में पास हुए सभी माननीय, एक भी वोट नहीं हुआ रिजेक्ट

रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव की बिसात पर सत्ताधारी महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) ने अपनी ऐसी मजबूत किलेबंदी की है कि विरोधियों के चक्रव्यूह को भेदना नामुमकिन नजर आ रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई महागठबंधन के विधायकों की महाबैठक में रणनीतिकारों ने हर एक वोट को ‘लोहे का कवच’ पहनाने की पुख्ता तैयारी की। इस बैठक की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर यह रही कि विधायकों के बीच कराए गए मॉक पोल (मॉक वोटिंग) में महागठबंधन का सक्सेस रेट 100% रहा और एक भी वोट रिजेक्ट नहीं हुआ।
‘नो रिजेक्ट’ मॉक पोल: तकनीकी खेल में पास हुए माननीय
राज्यसभा चुनाव में अक्सर वरीयता लिखने या तकनीकी गलतियों के कारण बड़े-बड़े दिग्गजों के वोट रद्द हो जाते हैं, जिससे पूरा खेल पलट जाता है। इसी डर और रिस्क को शून्य करने के लिए सीएम आवास में बकायदा डमी बैलेट और रिहर्सल का आयोजन किया गया था। जब सभी विधायकों ने डमी वोट डाले, तो काउंटिंग के दौरान एक भी मॉक पोल रद्द नहीं पाया गया। कांग्रेस के पर्यवेक्षक अजय शर्मा ने इस शत-प्रतिशत सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हमारे पास 56 विधायकों का अटूट और मजबूत आंकड़ा है। सभी माननीय न सिर्फ बैठक में फिजिकली मौजूद थे, बल्कि पूरी तरह इंटैक्ट हैं। दोनों सीटों पर महागठबंधन का परचम लहराना तय है।”
बुधवार को ‘डबल डोज’ बैठक और साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस
महागठबंधन अपनी इस शुरुआती बढ़त और किलेबंदी को चुनाव के दिन (18 जून) तक बिल्कुल ढीला नहीं छोड़ना चाहता। यही वजह है कि बुधवार के लिए बैठकों का ‘डबल डोज’ शेड्यूल तय किया गया है।
पहली बैठक (दिन): रांची के बीएनआर होटल में दिन की शुरुआत होगी, जहां चुनावी बारीकियों, वरीयता क्रम और नंबर गेम को आखिरी बार री-चेक किया जाएगा।
दूसरी बैठक (शाम): शाम को एक बार फिर सभी विधायक मुख्यमंत्री आवास में जुटेंगे, जहां फाइनल वोटिंग लिस्ट और रणनीति पर आखिरी मुहर लगाई जाएगी। इन दोनों महत्वपूर्ण बैठकों के बाद महागठबंधन के सभी घटक दल एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसे विपक्ष के खिलाफ एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
दिल्ली के ‘हाई-प्रोफाइल’ सिपहसालार संभालेंगे पोलिंग बूथ और काउंटिंग
सत्तारूढ़ खेमा अच्छी तरह जानता है कि असली खेल सिर्फ विधायकों को एकजुट रखने का नहीं, बल्कि पोलिंग बूथ और काउंटिंग टेबल पर वोट बचाने का होता है। इसके लिए कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली से सीधे अपने सबसे भरोसेमंद और चाणक्य विंग के दिग्गजों को रांची के मैदान में उतार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और सह-प्रभारी श्रीबेला प्रसाद खुद पोलिंग एजेंट बनकर बूथ के भीतर बैठेंगे और वोटिंग की हर एक हलचल पर पैनी नजर रखेंगे। वहीं, वोटों की गिनती के समय होने वाली किसी भी संभावित ‘पॉलिटिकल जादूगरी’, तकनीकी आपत्ति या हेरफेर को रोकने के लिए सीधे प्रखर सांसद नासिर हुसैन को काउंटिंग एजेंट के रूप में तैनात किया गया है।
होटल रेडिसन में बंद विपक्षी कैंप के मुकाबले मुख्यमंत्री आवास को पूरी तरह ‘पॉलिटिकल वॉर रूम’ में तब्दील कर महागठबंधन ने यह साफ कर दिया है कि वह जीत के गणित को लेकर आश्वस्त है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मॉक पोल की यह ‘शत-प्रतिशत’ सफलता 18 जून को असली नतीजों में कितनी तब्दील हो पाती है।



