Jharkhand: कूड़े के ढेर में भूख तलाशते मासूम और बेसुध माँ, सीएम हेमंत सोरेन ने डीसी को दिए सख्त निर्देश ‘अविलंब पहुँचाएं सरकारी सहायता’

लोहरदगा/रांची : झारखंड के लोहरदगा जिले में गरीबी की चरम पराकाष्ठा देखने को मिली, जहाँ एक बेबस विधवा माँ भूख और कमजोरी के कारण सड़क किनारे निढाल पड़ी रही, जबकि उसके तीन छोटे बच्चे पास ही पड़े कूड़े के ढेर से खाना चुनकर अपनी भूख मिटाने को मजबूर थे। सोशल मीडिया पर यह मर्माहत करने वाली तस्वीर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है।
मुख्यमंत्री का त्वरित एक्शन: डीसी को मिले ये निर्देश
जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान में आया, उन्होंने लोहरदगा के उपायुक्त को टैग करते हुए तत्काल सहायता के आदेश जारी किए। परिवार को तत्काल रहने के लिए एक सुरक्षित और उचित स्थान मुहैया कराया जाए। तीनों बच्चों का स्कूल में दाखिला कराकर उनकी पढ़ाई की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। परिवार को राशन कार्ड, पेंशन और अन्य सभी सुसंगत सरकारी योजनाओं से अविलंब जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने Tata Trusts जैसे चैरिटेबल संस्थानों से भी अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में परिवार की मदद के लिए आगे आएं।
बेबसी की कहानी: पति की मौत के बाद सड़क पर आया परिवार
जानकारी के अनुसार, महिला के पति के निधन के बाद घर का सहारा पूरी तरह छिन गया था। आर्थिक तंगी और दाने-दाने की मोहताजी के कारण परिवार को सड़क पर रहने को मजबूर होना पड़ा। कई दिनों तक भोजन न मिलने के कारण महिला शारीरिक रूप से इतनी कमजोर हो गई कि वह सड़क किनारे बेसुध गिर पड़ी। माँ को बेसुध देख और भूख से तड़पते हुए बच्चों ने कूड़ेदान में फेंके गए खाने के अंश तलाशने शुरू कर दिए। यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आँखें नम हो गईं।
समाज और प्रशासन की सक्रियता
सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही परिवार की तलाश कर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा और भोजन उपलब्ध कराया है। जिला प्रशासन अब परिवार के स्थायी पुनर्वास की प्रक्रिया में जुट गया है।



