Rajasthan: जैसलमेर में ऊंटों का झुंड ट्रेन की चपेट में आया, 6 की दर्दनाक मौत

जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। सोमवार सुबह श्री भादरिया-लाठी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से राज्य पशु ऊंटों के एक झुंड के चिथड़े उड़ गए। इस भीषण हादसे में 6 ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से स्थानीय पशुपालकों और ग्रामीणों में रेलवे प्रशासन के प्रति भारी रोष है।
ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
यह दर्दनाक वाकया उस समय हुआ जब ऊंटों का एक झुंड रेलवे पटरी को पार कर रहा था। तभी अचानक तेज रफ्तार ट्रेन वहां से गुजरी और ऊंट उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऊंटों के शव पटरी के आसपास दूर-दूर तक बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे का मंजर इतना भयावह था कि उसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
“भादरिया राय ओरण” क्षेत्र बना मौत का जाल
जैसलमेर की प्रसिद्ध भादरिया राय ओरण क्षेत्र वन्य जीवों और पशुपालन के लिए जाना जाता है। स्थानीय समाजसेवी मुकेश भील और ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे पटरियों के आसपास फेंसिंग (घेराबंदी) न होने के कारण बेजुबान जानवर अक्सर ट्रैक पर आ जाते हैं।इस मार्ग पर पहले भी कई बार ऊंट, गिद्ध और अन्य वन्य जीव ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार के बीच वन्य जीवों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
पशुपालकों की प्रमुख मांगें
हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं जिसमे मृत ऊंटों का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाए। गरीब पशुपालकों को उनके आर्थिक नुकसान के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।संवेदनशील ओरण क्षेत्रों में पटरियों के किनारे मजबूत फेंसिंग की जाए और ट्रेनों की गति को नियंत्रित किया जाए।
प्रशासन और रेलवे पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य पशु ऊंट के संरक्षण की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन धरातल पर रेलवे लाइन उनके लिए ‘मौत का रास्ता’ बनती जा रही है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो रेगिस्तान के जहाज का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। फिलहाल रेलवे के अधिकारी और स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं।



