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Jhakhand: जमशेदपुर सदर अस्पताल में मरीजों के लिए लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर बन रहा भोजन, व्यवस्था की खुली पोल

जमशेदपुर: खासमहल स्थित सदर अस्पताल में देशव्यापी एलपीजी किल्लत का सीधा असर अब मरीजों की डाइट पर दिखने लगा है। पिछले दो दिनों से रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण अस्पताल प्रशासन और वेंडर के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मजबूरी में अब मरीजों के लिए लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर खाना पकाया जा रहा है।

धुएं के बीच तैयार हो रही मरीजों की डाइट

अस्पताल की रसोई से उठने वाला धुंआ मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था और ईंधन संकट की कहानी बयां कर रहा है। वेंडर ओंकार नाथ ने बताया कि गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण आपूर्ति पूरी तरह ठप है। मरीजों को समय पर भोजन मिल सके, इसके लिए अस्पताल परिसर के पीछे ही वैकल्पिक चूल्हे तैयार किए गए हैं।

वेंडर की आपबीती: “मरीजों को भूखा नहीं रख सकते”

अस्पताल के भोजन वेंडर ओंकार नाथ ने कहा पिछले दो दिनों से गैस की सप्लाई नहीं हो रही है। मरीजों को समय पर डाइट देना हमारी प्राथमिकता है, इसलिए हमने लकड़ी और कोयले का इंतजाम किया है। इस बारे में अस्पताल प्रबंधन को मौखिक रूप से सूचित कर दिया गया है। धुएं के बीच काम करना रसोइयों के लिए कठिन है, लेकिन मरीजों के लिए यह जरूरी है।”

मरीजों ने कहा “भोजन की क्वालिटी में कमी नहीं”

हैरानी की बात यह है कि जहां एक ओर रसोई में संकट है, वहीं मरीजों को इस बदलाव का पता तक नहीं चला। अस्पताल में भर्ती मरीजों का कहना है कि उन्हें तीनों समय उत्तम क्वालिटी का भोजन मिल रहा है और सप्लाई चेन में अब तक कोई देरी नहीं हुई है। मरीजों ने खाने के स्वाद और समय को लेकर संतुष्टि जाहिर की है।

प्रशासन के सामने चुनौती

सदर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर जहां स्वच्छता और शुद्धता सर्वोपरि है, वहां कोयले और लकड़ी के चूल्हे का उपयोग लंबे समय तक व्यावहारिक नहीं है। अस्पताल प्रबंधन अब जिला प्रशासन और गैस एजेंसियों से संपर्क कर आपातकालीन कोटा के तहत सिलेंडर की मांग कर रहा है।

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