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Jharkhand:जमशेदपुर की सड़कों पर बिक रहे ‘नमक के पहाड़’, पाकिस्तान के सिंध से मंगाए गए चट्टान

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर की सड़कों पर इन दिनों एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। शहर के विभिन्न इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सजे गुलाबी और काले रंग के विशाल पत्थर राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। ये पत्थर कोई आम चट्टान नहीं, बल्कि सेंधा और काला नमक के असली ढेले हैं, जिन्हें बंजारा समुदाय के लोग सीधे चट्टानों के रूप में बेच रहे हैं।

पाकिस्तान के सिंध से कनेक्शन!

इन विक्रेताओं ने अपनी ट्रॉली पर बड़े-बड़े बैनर लगा रखे हैं। उनके अनुसार, नमक के ये विशाल चट्टान पाकिस्तान के सिंध प्रांत से मंगवाए गए हैं। शुद्धता का दावा करते हुए वे इसे सेहत के लिए वरदान बता रहे हैं।सेंधा नमक (पिंक साल्ट): 80 रुपये प्रति किलो।काला नमक (ब्लैक साल्ट): 100 रुपये प्रति किलो।

कौतूहल ज्यादा, खरीदारी कम: क्या है वजह?

सड़क किनारे सजे इन नमक के ‘पहाड़ों’ को देखने और भाव पूछने के लिए ग्राहकों की भीड़ तो उमड़ रही है, लेकिन असल खरीदारी उम्मीद से कम है। इसके पीछे मुख्य रूप से दो कारण सामने आ रहे हैं। नमक के ये ढेले काफी सख्त हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग घर पर इन पत्थरों को कूटने और पीसने की मेहनत से बचना चाहते हैं।बाजार में ब्रांडेड कंपनियों का पिसा हुआ (आयोडीन युक्त या शुद्ध सेंधा नमक) पाउच आसानी से मिल जाता है। जब कीमत में बहुत बड़ा अंतर नहीं है, तो ग्राहक रेडीमेड पाउडर खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

सेहत के प्रति जागरूक लोग ही ले रहे ‘ढेला’

हालांकि, जो लोग शुद्धता को लेकर बहुत ज्यादा संजीदा हैं, वे इन चट्टानों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका मानना है कि आंखों के सामने खरीदे गए इन ढेलों में मिलावट की गुंजाइश शून्य होती है। आयुर्वेद में भी सेंधा नमक को साधारण नमक से कहीं ज्यादा बेहतर माना गया है, विशेषकर हाई ब्लड प्रेशर और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए।

जमशेदपुर में नया ट्रेंड

बंजारा सरीखे इन व्यापारियों का कहना है कि वे दूर-दराज के इलाकों से इसे लेकर आए हैं। भले ही बिक्री धीमी हो, लेकिन शहर के लोग इन प्राकृतिक चट्टानों को देखकर हैरान जरूर हैं। साकची, बिष्टुपुर और मानगो जैसे इलाकों में ये ट्रॉलियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

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