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Jharkhand: जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी की बड़ी कार्रवाई, सफल अभ्यर्थी समीर कुमार गिरफ्तार

रांची। जेएसएससी सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में कथित अनियमितता और पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी ने एक और सफल अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान समीर कुमार के रूप में हुई है, जो गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।समीर कुमार की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए सफल अभ्यर्थियों की संख्या सात हो गई है।

इससे पहले छह सफल अभ्यर्थी हो चुके हैं गिरफ्तार

सीआईडी इससे पहले सफल अभ्यर्थियों दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी को गिरफ्तार कर चुकी है।जांच के दौरान इन अभ्यर्थियों की कथित भूमिका और पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क को लेकर सीआईडी को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।

टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर से भी जुड़ा मामला

मामले में गिरफ्तार किए गए अक्षय तिवारी, जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का भाई बताया गया है। वहीं, सुषमा कुमारी अभय तिवारी की पत्नी हैं।अभय तिवारी को जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां उसे जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मास्टरमाइंड मानकर जांच कर रही हैं।

1 जनवरी 2025 को दर्ज हुआ था मामला

जेएसएससी सीजीएल में कथित पेपर लीक को लेकर 1 जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 दर्ज किया गया था। इसी मामले की जांच के दौरान सीआईडी ने परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की भूमिका की जांच शुरू की।जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार अभ्यर्थियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।

दलालों और एजेंटों के जरिए पेपर मिलने का आरोप

सीआईडी की जांच में आरोप है कि कुछ सफल अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर रिश्वत देकर दलालों और एजेंटों के माध्यम से लीक प्रश्न प्राप्त किए और उनके उत्तर याद कर परीक्षा में सफलता हासिल की।अब सीआईडी गिरफ्तार अभ्यर्थियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। पूछताछ के दौरान पेपर लीक के नेटवर्क, एजेंटों, दलालों और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

आगे और गिरफ्तारियां संभव

समीर कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों का फोकस पेपर लीक से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान पर है। सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर लीक प्रश्न किन लोगों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचे और इस पूरे मामले में परीक्षा संचालन से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

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