Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट को मिलीं छह नई डिजिटल सुविधाएं, सीजेआई सूर्यकांत ने डेटा सेंटर का किया उद्घाटन

रांची: झारखंड की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक-संपन्न बनाने की दिशा में सोमवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने झारखंड हाईकोर्ट की छह अत्याधुनिक डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट के नए डेटा सेंटर का भी उद्घाटन किया। समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।इन नई सुविधाओं का उद्देश्य न्यायिक कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनाना है। इससे अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और आम लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

देवघर में विधिक जागरूकता शिविर में भी हुए शामिल

रांची पहुंचने से पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने देवघर में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तीकरण शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया।इस दौरान उन्होंने पीड़ितों को सहायता राशि के चेक वितरित किए और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इसी कार्यक्रम के दौरान पलामू और रांची में लीगल एड क्लिनिक का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया गया।

हाईकोर्ट का नया डेटा सेंटर बनेगा डिजिटल कामकाज का केंद्र

हाईकोर्ट परिसर में स्थापित नया डेटा सेंटर अत्याधुनिक सर्वर, केंद्रीकृत स्टोरेज, बैकअप सिस्टम, मजबूत नेटवर्क सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाओं से लैस है।यह डेटा सेंटर झारखंड हाईकोर्ट और राज्य की सभी निचली अदालतों के डिजिटल कामकाज के लिए मुख्य केंद्र के रूप में काम करेगा। इससे न्यायिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल दस्तावेजों के संचालन में सुविधा होगी।

झारखंड हाईकोर्ट को मिलीं ये छह डिजिटल सुविधाएं

हाईकोर्ट की ओर से शुरू की गई छह प्रमुख डिजिटल सेवाएं इस प्रकार हैं:

1. नई वेबसाइट: आम लोगों और न्यायिक कार्यों से जुड़े उपयोगकर्ताओं के लिए आधुनिक और सुविधाजनक वेब पोर्टल शुरू किया गया है।

2. ऑनलाइन प्रमाणित प्रति आवेदन: अब लोग घर बैठे ही न्यायालय के आदेशों और फैसलों की प्रमाणित प्रतियों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

3. आईओएस मोबाइल ऐप: आईफोन उपयोगकर्ता इस ऐप के माध्यम से केस स्टेटस, फैसले और कॉज लिस्ट देख सकेंगे।

4. पर्सनलाइज्ड कॉज लिस्ट: अधिवक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार कॉज लिस्ट तैयार कर सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी।

5. ड्रैगन स्पीच-टू-टेक्स्ट सॉफ्टवेयर: न्यायिक अधिकारी बोलकर आदेश और फैसलों का मसौदा तैयार कर सकेंगे। इससे दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में सुविधा होगी।

6. सुप्रीम टुडे एआई सॉफ्टवेयर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जटिल कानूनी शोध और संबंधित जानकारियां जुटाने में मदद मिलेगी।

न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में पहल

इन छह डिजिटल सेवाओं और नए डेटा सेंटर की शुरुआत से झारखंड की न्यायिक व्यवस्था में तकनीक का उपयोग बढ़ेगा। ऑनलाइन आवेदन, मोबाइल ऐप और एआई आधारित कानूनी शोध जैसी सुविधाओं से न्यायिक कामकाज को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी। इससे आम नागरिकों और अधिवक्ताओं को भी न्यायालय से जुड़ी सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

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