Jharkhand: फर्जी सिम कार्ड बेचकर साइबर अपराध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, जिओ कंपनी कर्मचारी और 2 पीओएस एजेंट गिरफ्तार

जमशेदपुर: जमशेदपुर में साइबर अपराध और फर्जी सिम नेटवर्क के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दूरसंचार विभाग से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में जिओ कंपनी के एक कर्मचारी और दो पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है।

मासूम ग्राहकों की केवाईसी का दुरुपयोग कर जारी करते थे दूसरा सिम

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि आरोपी सरकारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे थे। आरोपी सीधे-सादे और कम पढ़े-लिखे ग्राहकों की केवाईसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते थे।जब कोई ग्राहक नया सिम लेने आता था, तो एक ही फिंगरप्रिंट या डॉक्यूमेंट पर दो या उससे अधिक सिम जारी कर दिए जाते थे। इनमें से एक सिम असली ग्राहक को दिया जाता था, जबकि दूसरा सिम मोटी रकम लेकर साइबर अपराधियों के हवाले कर दिया जाता था।

देश भर में वित्तीय धोखाधड़ी में होता था इस्तेमाल

पुलिस जांच में सामने आया है कि इन फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों में डिजिटल अरेस्ट, बैंक फ्रॉड, फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। गिरोह की संदिग्ध गतिविधियों का पता चलने पर साइबर पुलिस ने छापेमारी कर तीनों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और बरामदगी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान रौनक कुमार (19 वर्ष) – निवासी बर्मामाइंस (पीओएस एजेंट),सन्नी कुमार साव (19 वर्ष) – निवासी गोलमुरी (पीओएस एजेंट) और प्रकाश कुमार (33 वर्ष) – निवासी टेल्को (जिओ कंपनी का कर्मचारी) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन और 9 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं।

जमशेदपुर साइबर थाने में केस दर्ज, नेटवर्क की पड़ताल जारी

मामले में जमशेदपुर साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 109/2026 दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितने फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर बेचे हैं और इनके जरिए देशभर में कौन-कौन से बड़े साइबर अपराधों को अंजाम दिया गया है।इस कार्रवाई को जमशेदपुर में एक्टिव साइबर अपराधियों के सिंडिकेट पर एक बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।

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