बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट के निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले विस्थापित आज उसी प्लांट में नियोजन की मांग को लेकर भूख हड़ताल करने को मजबूर हैं। नियोजन की मांग पर जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का बुधवार को तीसरा दिन है। इस बीच आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ने लगी है। चार विस्थापितों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि करीब आठ से दस अन्य आंदोलनकारियों को भूख हड़ताल स्थल पर ही चिकित्सकों की देखरेख में पानी चढ़ाया जा रहा है। आंदोलनकारियों की बिगड़ती सेहत के बीच अब बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से पहल का इंतजार है।
नियोजन की मांग पर आर-पार की लड़ाई, बिगड़ने लगी आंदोलनकारियों की तबीयत
बोकारो में नियोजन की मांग को लेकर बोकारो अप्रेंटिस संघ के अभ्यर्थी, विस्थापित परिवार और उनके समर्थक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों की हालत बिगड़ने के बाद प्रशासन की मदद से चार विस्थापितों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, अन्य आंदोलनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। सदर अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी भूख हड़ताल स्थल पर मौजूद आंदोलनकारियों की देखरेख कर रहे हैं।
अप्रेंटिस ट्रेनिंग के बाद भी नियोजन नहीं मिलने का आरोप
विस्थापित अभ्यर्थियों का कहना है कि बोकारो स्टील प्लांट में उन्हें अप्रेंटिस का प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी नियोजन नहीं मिला। इसी मांग को लेकर वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्लांट के निर्माण के लिए उनकी जमीन ली गई, लेकिन अब तक उन्हें नियोजन का उचित अवसर नहीं दिया गया।उनका कहना है कि जमीन देने वाले परिवारों को आज अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसी नाराजगी के चलते विस्थापितों और अप्रेंटिस अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।
प्रेम महतो की मौत के बाद भी मांगों पर ठोस पहल नहीं होने का आरोप
आंदोलनकारियों ने बताया कि पिछले साल विस्थापितों के आंदोलन के दौरान अप्रेंटिस अभ्यर्थी प्रेम महतो की मृत्यु हुई थी। इसके बाद बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन, जिला प्रशासन और विस्थापितों के बीच वार्ता हुई थी। आंदोलनकारियों के मुताबिक, उस वार्ता में भी नियोजन का मुद्दा उठाया गया था, लेकिन कई महीने बीतने के बावजूद उनकी मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई।आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रेम महतो की मौत के बाद भी उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक नियोजन के मुद्दे पर प्रबंधन बातचीत नहीं करता और समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
विधायक श्वेता सिंह भी आंदोलन में शामिल, सभी गेट जाम करने की चेतावनी
विस्थापितों के समर्थन में स्थानीय विधायक श्वेता सिंह भी भूख हड़ताल में शामिल हैं। विधायक ने कहा कि जब तक बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन विस्थापितों की नियोजन नीति पर बातचीत नहीं करता और ठोस नीति बनाने की दिशा में पहल नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।विधायक ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट जाम किए जा सकते हैं। इससे आंदोलन के और तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
प्रबंधन की पहल का इंतजार, आंदोलन तेज होने के संकेत
एक तरफ विस्थापित अपनी जमीन के बदले नियोजन की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत बिगड़ रही है। चार आंदोलनकारी सदर अस्पताल में भर्ती हैं और अन्य का आंदोलन स्थल पर इलाज चल रहा है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन आंदोलनकारियों से बातचीत कर समाधान की दिशा में कदम उठाएगा या फिर आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होगा। फिलहाल आंदोलनकारियों ने मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटने की बात कही है।
