Bihar: मार्च 2030 से पहले बिहार के युवाओं को राज्य में ही मिलेगा रोजगार; सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुधार और उच्च शिक्षा के विस्तार पर सरकार का जोर

पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राज्य के शैक्षणिक विकास और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। एक पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करना और वर्ष 2030 से पहले बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े।

अगले मार्च तक सरकारी स्कूलों में दिखेंगे बड़े बदलाव

सरकारी विद्यालयों की बदहाल तस्वीर को बदलने के लिए सरकार ने एक तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया है। आगामी मार्च तक राज्य के सभी सरकारी और मॉडल स्कूलों में रंगाई-पोताई, बिजली, पंखे और अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा।वर्तमान में राज्य के करीब 700 मॉडल स्कूलों में लगभग 3.5 लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिन्हें डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षण से भी जोड़ा जा रहा है। सामान्य दिनों में 1.42 लाख और सप्ताहांत में 1.75 लाख छात्र ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ ले रहे हैं।सरकार अपने कुल बजट का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र पर खर्च कर रही है, ताकि गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का माहौल मिल सके।

शिक्षकों की नियुक्ति और अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना भवनों का होना अधूरा है, इस बात पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षक व्यवस्था को लेकर ये बातें कहीं। राज्य में लगभग 33 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, जिससे कुल शिक्षकों की संख्या करीब सात लाख हो जाएगी। महिला शिक्षकों को यथासंभव उनकी नजदीकी पंचायतों और अन्य शिक्षकों को नजदीकी प्रखंडों में तैनात करने की व्यवस्था बनाई जा रही है।अध्यापन की अंतरराष्ट्रीय पद्धतियों से परिचित कराने के लिए राज्य के कालेजों और संस्थानों के चयनित शिक्षकों को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाने की योजना है।

उच्च शिक्षा का विस्तार और 2030 तक रोजगार का लक्ष्य

उच्च शिक्षा और आजीविका के मोर्चे पर सरकार की भावी रणनीति स्पष्ट करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा सुलभ हो, इसके लिए प्रखंड स्तर पर डिग्र्री कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है और एक ही दिन में 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने की पहल की गई है। पूर्व में बिजली, सड़क और पानी की कमी से उद्योग नहीं लग पाते थे, लेकिन अब बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से उद्योगों का दायरा बढ़ाया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि 2030 से पहले राज्य में ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं ताकि युवाओं को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।समारोह के अंत में उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल के नायक और महानायक बनेंगे, जिनके सपनों पर ही विकसित भारत और विकसित बिहार की नींव टिकी है।

Exit mobile version