Jharkhand: गिरिडीह में अवैध शराब की भट्ठियों पर छापेमारी, 300 लीटर महुआ शराब जब्त; 4500 किलो जावा महुआ नष्ट

गिरिडीह: जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर उत्पाद विभाग की टीम ने शनिवार को डुमरी थाना क्षेत्र के बेलदारी टोला में अवैध महुआ चुलाई शराब बनाने के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 300 लीटर तैयार महुआ शराब जब्त की गई, जबकि शराब बनाने के लिए छिपाकर रखा गया लगभग 4,500 किलोग्राम किण्वित जावा महुआ मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 694/2026 के अनुसार, अधीक्षक उत्पाद, गिरिडीह के निर्देश पर उत्पाद विभाग की टीम ने डुमरी थाना पुलिस के सहयोग से यह अभियान चलाया।

शराब की भट्ठियों पर कार्रवाई, हजारों किलो जावा महुआ नष्ट

छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध शराब निर्माण के लिए संचालित भट्ठियों और अड्डों की जांच की। मौके पर अलग-अलग बर्तनों, ड्रमों और डिब्बों में जावा महुआ छिपाकर रखा गया था। इसका इस्तेमाल महुआ चुलाई शराब बनाने में किया जाना था।कार्रवाई के दौरान करीब 300 लीटर तैयार महुआ चुलाई शराब बरामद कर जब्त की गई। इसके अलावा लगभग 4,500 किलोग्राम किण्वित जावा महुआ को नष्ट किया गया। प्रशासन का उद्देश्य अवैध शराब निर्माण और कारोबार पर रोक लगाना है।

अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान जारी

उत्पाद विभाग के अनुसार, अवैध शराब बनाने और बेचने में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जारी प्रेस विज्ञप्ति में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उत्पाद विभाग और पुलिस के समन्वय से आगे भी छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।

छापेमारी दल में उत्पाद विभाग और पुलिस के जवान शामिल

इस अभियान में उत्पाद विभाग के अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सदर अंचल और अवर निरीक्षक महेश कुमार दास, बगोदर अंचल के साथ डुमरी थाना के पुलिसकर्मी तथा गृहरक्षा वाहिनी के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को बेलदारी टोला में अवैध महुआ शराब के निर्माण और कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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