Jharkhand: सांसद विद्युत वरण महतो को लगातार पांचवीं बार ‘संसद रत्न’ पुरस्कार, भाजपा जमशेदपुर महानगर में हर्ष

जमशेदपुर। जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो को लगातार पांचवीं बार प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर भाजपा जमशेदपुर महानगर में खुशी और उत्साह का माहौल है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में सांसद विद्युत वरण महतो को यह सम्मान प्रदान किया गया।इस उपलब्धि पर भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने सांसद को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लगातार पांचवीं बार संसद रत्न सम्मान मिलना भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पूरे जमशेदपुर के लिए गर्व की बात है।
12 वर्षों के संसदीय कार्यकाल में जनहित को दी प्राथमिकता
भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि सांसद विद्युत वरण महतो ने अपने 12 वर्षों के संसदीय कार्यकाल में जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने संसद में जमशेदपुर और झारखंड से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास, आधारभूत संरचना, रोजगार, रेल, सड़क, उद्योग और जनसुविधाओं से जुड़े विषयों पर सांसद लगातार सक्रिय रहे हैं। उनके अनुसार, सक्रिय संसदीय भागीदारी, कार्यकुशलता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता का यह सम्मान प्रमाण है।
जमशेदपुर की जनता के विश्वास की भी जीत: संजीव सिन्हा
संजीव सिन्हा ने कहा कि लगातार पांचवीं बार ‘संसद रत्न’ सम्मान प्राप्त करना सांसद विद्युत वरण महतो के व्यक्तिगत परिश्रम के साथ-साथ जमशेदपुर की जनता के विश्वास और भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्पण की भी जीत है।उन्होंने विश्वास जताया कि सांसद भविष्य में भी इसी सेवाभाव और प्रतिबद्धता के साथ जमशेदपुर के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम करते रहेंगे।
‘संसद रत्न’ सम्मान जनता के समर्थन और विश्वास का प्रतीक: प्रेम झा
भाजपा जमशेदपुर महानगर के मीडिया प्रभारी प्रेम झा ने भी सांसद विद्युत वरण महतो को लगातार पांचवीं बार सम्मान मिलने पर खुशी जताई।उन्होंने कहा कि यह सम्मान सांसद के अथक परिश्रम, संसदीय प्रदर्शन और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि विद्युत वरण महतो ने संसद में जमशेदपुर और झारखंड से जुड़े जनहित के मुद्दों को लगातार मजबूती से उठाया है।प्रेम झा के अनुसार, सवाल पूछने, महत्वपूर्ण विषयों पर आवाज उठाने और नीतिगत चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सांसद ने संसद में अपनी अलग पहचान बनाई है।
संसद में जनहित के मुद्दों को उठाने पर जोर
प्रेम झा ने कहा कि लगातार पांचवीं बार ‘संसद रत्न’ से सम्मानित होना इस बात को दर्शाता है कि जनता की आवाज को संसद तक पहुंचाने और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में विद्युत वरण महतो की भूमिका उल्लेखनीय रही है।उन्होंने कहा कि यह सम्मान सांसद के साथ-साथ उन लाखों लौहनगरीवासियों के विश्वास और समर्थन का भी सम्मान है, जिन्होंने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर संसद भेजा है।
2010 में शुरू हुआ था संसद रत्न पुरस्कार
गौरतलब है कि ‘संसद रत्न पुरस्कार’ की शुरुआत वर्ष 2010 में प्राइम पॉइंट फाउंडेशन और ई-मैगजीन ‘प्रीसेंस’ द्वारा की गई थी। पुरस्कार की शुरुआत भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के सुझाव पर हुई थी।इस पुरस्कार का उद्देश्य संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांसदों को उनके संसदीय योगदान, प्रभावी भागीदारी और जनहित से जुड़े कार्यों के लिए प्रोत्साहित एवं सम्मानित करना है।इस वर्ष 10 लोकसभा सांसदों, 2 राज्यसभा सांसदों और 4 संसदीय स्थायी समितियों को सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।



