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Jharkhand: रांची रेलवे कॉलोनी में पेड़ के नीचे मिली 1.1 किलो की नवजात बच्ची, समय रहते युवक ने बचाई जान

रांची: राजधानी रांची की रेलवे कॉलोनी में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब बारिश के बीच एक बेहद कम वजन की नवजात बच्ची पेड़ के नीचे मिली। बच्ची का वजन करीब 1.1 किलोग्राम बताया जा रहा है। बच्ची मिलने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे सुरक्षित किया और अस्पताल पहुंचाया गया।

सुबह टहलने निकले युवक की पड़ी नजर

जानकारी के अनुसार, रेलवे कॉलोनी में सुबह टहलने निकले एक युवक की नजर पेड़ के नीचे पड़ी नवजात बच्ची पर गई। बच्ची को वहां देखकर युवक ने तत्काल आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी और उसे सुरक्षित किया।घटना से जुड़ी तस्वीरों में बच्ची के आसपास कुछ कुत्ते भी नजर आ रहे हैं। ऐसे में समय रहते बच्ची तक युवक के पहुंचने से किसी गंभीर अनहोनी को टाला जा सका।

अस्पताल में चल रहा बच्ची का इलाज

बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। बेहद कम वजन होने के कारण बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।बताया जा रहा है कि मामला चुटिया थाना क्षेत्र से जुड़ा है। रेलवे कॉलोनी में नवजात मिलने के बाद आरपीएफ की ओर से बच्ची को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई।

बच्ची को वहां किसने छोड़ा, जांच जारी

नवजात बच्ची को पेड़ के नीचे किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और बच्ची को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति या परिवार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।यह भी जांच का विषय है कि बच्ची को जानबूझकर वहां छोड़ा गया था या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी। हालांकि, नवजात को बारिश के बीच खुले स्थान पर इस तरह छोड़ना उसकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा था।

‘पालना’ जैसे सुरक्षित विकल्पों की जरूरत

घटना ने नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल भी खड़ा किया है। यदि कोई माता-पिता या परिवार किसी कारणवश नवजात की देखभाल करने में सक्षम नहीं है, तो बच्चे को खुले में छोड़ने के बजाय उसे सुरक्षित व्यवस्था के हवाले करने के विकल्पों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।सार्वजनिक स्थानों पर ‘पालना’ या सुरक्षित क्रैडल सेंटर जैसी व्यवस्थाओं के बारे में व्यापक जागरूकता और प्रचार से ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। लोगों को यह जानकारी होना जरूरी है कि किसी नवजात को असुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बजाय उसे सुरक्षित बाल संरक्षण व्यवस्था तक कैसे पहुंचाया जा सकता है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति

फिलहाल बच्ची की स्थिति और उसे रेलवे कॉलोनी में छोड़ने वाले व्यक्ति या परिवार के बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच और आगे मिलने वाले तथ्यों के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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