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Jharkhand: रक्षाबंधन पर बहनों से राखी बंधवाकर रघुवर दास ने लिया आशीर्वाद, बोले- महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण जरूरी

जमशेदपुर: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने अपनी बहनों से राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।इस अवसर पर उन्होंने देश और झारखंडवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और इस पर्व को भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक बताया।

महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण का संकल्प लेने की अपील

मीडिया से बातचीत के दौरान रघुवर दास ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को याद दिलाता है।उन्होंने कहा कि समाज को महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने और सशक्त बनने का अवसर देने का संकल्प लेना चाहिए।

दिवंगत बड़ी बहन को याद कर हुए भावुक

रघुवर दास ने इस दौरान अपनी दिवंगत बड़ी बहन को भी याद किया और आंदोलन के दिनों से जुड़े भावुक क्षण साझा किए।उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान जब पुलिस छापेमारी करती थी, तब उनकी बड़ी बहन उनका संबल बनती थीं। ऐसे समय में वे अक्सर अपनी बहन के घर पर शरण लेते थे।

मां के योगदान को भी किया याद

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी मां के योगदान को भी याद करते हुए कहा कि जीवन में उन्हें जो भी उपलब्धियां मिली हैं, उनमें उनकी माता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।उन्होंने कहा कि परिवार से मिले संस्कार, सहयोग और आशीर्वाद व्यक्ति के जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध पर जताई चिंता

रघुवर दास ने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनों का प्रभावी और सख्त क्रियान्वयन भी जरूरी है।उन्होंने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर महिलाएं समाज और देश के विकास में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।

रक्षाबंधन पर दिया सुरक्षा और सम्मान का संदेश

रक्षाबंधन के अवसर पर रघुवर दास ने भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता को रेखांकित करते हुए महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर वातावरण उपलब्ध कराना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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