पटना। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का गठन करते हुए विभिन्न राष्ट्रीय पदों, प्रदेश इकाइयों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की हैं। नई सूची में कई नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं, जबकि विभिन्न राज्यों के लिए प्रदेश अध्यक्षों की भी घोषणा की गई है।पार्टी की ओर से संगठन को मजबूत करने और विभिन्न राज्यों में विस्तार देने के उद्देश्य से यह नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
ललित कुमार गौतम, हरमीत सिंह और सरदार तारा सिंह बने स्थायी आमंत्रित सदस्य
पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में ललित कुमार गौतम, हरमीत सिंह और एडवोकेट सरदार तारा सिंह को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।वहीं, मणिशंकर पांडेय, मो. शमीम एम हवा, वीरेंद्र प्रधान, कुंवर आसिम खान, डॉ. सत्यानंद शर्मा और कमला कुमारी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।अब्दुल खालिक राष्ट्रीय प्रधान महासचिव के पद पर बने रहेंगे, जबकि सांसद राजेश वर्मा को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
इन नेताओं को बनाया गया राष्ट्रीय प्रधान सचिव
पार्टी ने मिथिलेश कुमार सिंह, विधायक राजू तिवारी, सांसद वीणा देवी, अजय कुमार, पंकज अरोड़ा, केपी चौधरी, वीरेंद्र विधुरी, डॉ. सुखातो ए सेमा, धीरेंद्र कुमार मुन्ना, विधान पार्षद अशरफ अंसारी, अरविंद कुमार सिंह और सी विद्याधरन को राष्ट्रीय प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी है।
कई नेताओं को मिली राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी
नई टीम में रीमा जॉर्ज, एस रिचार्ड हम्से, केबी भारती, पीएच रामचंद्रन, मो. अबरार, हाजी नुरुल्ला, कुलदीप चौहान और सूरज कुमार बरहरिया को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।
युवा, महिला और अन्य प्रकोष्ठों की भी हुई घोषणा
प्रणब कुमार को राष्ट्रीय युवा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष और चंद्रप्रभा भाटिया को महिला प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अस्थायी प्रभार अब्दुल खालिक को दिया गया है। वहीं, राजेश पासवान को जेएमएस का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा एडवोकेट सुशील कुमार – लीगल सेल की जिम्मेदारी
धर्मेंद्र मिश्रा – किसान प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी
सांसद शांभवी चौधरी – छात्र प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी
अशोक कुमार वर्मा – व्यावसायिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष
प्रकाश चंद्रा – पिछड़ा एवं अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष
नितेश कुमार सिंह – सोशल मीडिया कन्वेनर
अमित कुमार – संयुक्त सोशल मीडिया कन्वेनर
सुरेंद्र विवेक को बिहार और जनार्दन पासवान को झारखंड की कमान
पार्टी ने राज्यों में भी नई जिम्मेदारियां तय की हैं। सुरेंद्र विवेक को बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि जनार्दन पासवान को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अन्य राज्यों में घोषित प्रमुख प्रदेश अध्यक्षों में—
अंडमान-निकोबार: जी नागेंद्रन
आंध्र प्रदेश: सत्यानारायणा चंदोलू
असम: अहमद अली अयूब
छत्तीसगढ़: शरतचंद्र पांडेय
गुजरात: आशीष कुमार पटेल
हरियाणा: प्रवीण सब्बरवाल
हिमाचल प्रदेश: नितिन चौहान
जम्मू-कश्मीर: रफीक मलिक
कर्नाटक: एमएस जगन्ना
केरल: अरुण केवी
मणिपुर: खोइरम दीपू सिंह
ओडिशा: जितेंद्र कुमार गुप्ता
पंजाब: अमर सिंह मेहमी
राजस्थान: प्रह्लाद सिंह पलदी
तमिलनाडु: के मारण
तेलंगाना: विकास कोम्मीनेनी
मध्य प्रदेश का अस्थायी प्रभार अब्दुल खालिक को दिया गया है।
यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को जोन में बांटा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने प्रदेश को अलग-अलग जोन में बांटकर संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की हैं।पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी राजीव पासी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी पवन कुमार वर्मा और मध्य उत्तर प्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी राजीव पासी को दी गई है। वहीं, बुंदेलखंड की जिम्मेदारी प्रमोद मणि तिवारी को सौंपी गई है।
अन्य राज्यों में भी नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त
पार्टी ने उत्तराखंड में विशाल सिंह ठाकुर, विदर्भ में सतीश विनोद लोनारे, पश्चिम बंगाल में रफीक अली एसके, लक्षद्वीप में अमजद, नागालैंड में विलोटो पुखाटो, पुडुचेरी में एमडी उमासूदन और अरुणाचल प्रदेश में रीबा पांगिया को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है।
12 राष्ट्रीय प्रवक्ता संभालेंगे पार्टी का पक्ष
पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रवक्ताओं की भी टीम घोषित की है। धीरेंद्र सिंह मुन्ना को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बनाया गया है।वहीं, सांसद अरुण भारती, राजेश वर्मा, शांभवी चौधरी, विधायक राजू तिवारी, अजय कुमार पांडेय, विधायक मुरारी गौतम, राजेश भट्ट, विनीत सिंह, एडवोकेट रितेश कुमार शर्मा, आलोक रंजन और प्रणब कुमार को राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन विस्तार की दिशा में अहम कदम
लोजपा (रामविलास) की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ राज्यों और विभिन्न प्रकोष्ठों के स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इसे पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और विभिन्न राज्यों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
