रांची। डुमरी विधायक जयराम महतो और धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन की ओर से विधायक से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग किए जाने पर जयराम महतो ने कड़ा पलटवार किया है।विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा कि वह फांसी पर चढ़ जाएंगे, लेकिन माफी नहीं मांगेंगे।
पुलिस एसोसिएशन को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के अधिकार पर उठाया सवाल
जयराम महतो ने झारखंड पुलिस एसोसिएशन के रुख पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल किया कि संगठन किस अधिकार के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसी मामले में अपनी ओर से निर्णयात्मक रुख अपना रहा है।उन्होंने कहा कि पुलिस एसोसिएशन कोई न्यायिक संस्था नहीं है, जो किसी मामले में फैसला सुनाए। विधायक के अनुसार, जिस बातचीत को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह एक व्यक्तिगत ऑडियो कॉल थी और इसे किसी सार्वजनिक मंच से नहीं कहा गया था।
वायरल ऑडियो में एडिटिंग और छेड़छाड़ का आरोप
जयराम महतो ने दावा किया कि उनका कथित वायरल ऑडियो एक निजी बातचीत का हिस्सा था, जिसे एडिट कर या उसके साथ छेड़छाड़ कर वायरल किया गया है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग के संकेत देते हुए कहा कि बातचीत के संदर्भ को अलग तरीके से पेश किया जा रहा है।विधायक का कहना है कि किसी निजी बातचीत के कथित ऑडियो के आधार पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
डीसी और एसपी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस संगठन पर सवाल
जयराम महतो ने पुलिस संगठन की कार्यशैली और उसकी नीयत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि संगठन वास्तव में पुलिसकर्मियों के सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर है, तो उसे अपने स्तर पर अधिकारियों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों को भी मजबूती से उठाना चाहिए।विधायक ने दावा किया कि कई पुलिसकर्मियों और थाना स्तर के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखने की अपील की।
‘मुझे अलग विचार और बिरादरी का होने के कारण निशाना बनाया जा रहा’
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि वह अलग विचारधारा और बिरादरी से आते हैं तथा इसी वजह से उन्हें विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पुलिस एसोसिएशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्रवाई की चेतावनी के पीछे भी उन्हें घेरने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने कहा कि यदि संगठन इतना ही निष्पक्ष और ईमानदार है तो उसे पुलिसकर्मियों से जुड़े अन्य मुद्दों और अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों पर भी खुलकर अपनी आवाज उठानी चाहिए।
क्या है जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी विवाद?
मामला धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज से जुड़े एक मामले में हुई झड़प और इसके बाद सामने आए कथित वायरल ऑडियो से जुड़ा बताया जा रहा है। ऑडियो वायरल होने के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने विधायक से कथित रूप से सार्वजनिक माफी की मांग की है।पुलिस एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि तय समय के भीतर माफी नहीं मांगने की स्थिति में आंदोलन और कार्य बहिष्कार जैसे कदमों पर विचार किया जा सकता है।
माफी मांगने से इनकार पर कायम जयराम महतो
वहीं, दूसरी ओर जयराम महतो अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह सार्वजनिक माफी नहीं मांगेंगे। अब इस मामले में पुलिस एसोसिएशन की आगे की रणनीति और प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
