नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए तीन सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी। अदालत ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को बदल दिया, जिसमें अभिषेक बनर्जी की विदेश जाकर इलाज कराने की मांग खारिज कर दी गई थी।यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने दिया।
डिप्लोमैटिक पासपोर्ट से ही कर सकेंगे यात्रा
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी विदेश यात्रा के दौरान केवल डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे। उन्हें अपनी यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी जांच एजेंसी को देनी होगी।अदालत के निर्देश के अनुसार, विदेश रवाना होने से पहले उन्हें अपने विदेशी पते और फ्लाइट की जानकारी भी पुलिस/जांच एजेंसी को उपलब्ध करानी होगी।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
अभिषेक बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत को बताया कि उनके पास फिलहाल केवल डिप्लोमैटिक पासपोर्ट है। उन्होंने कहा कि इस पासपोर्ट के जरिए विदेश यात्रा करने पर भारतीय दूतावास उनकी गतिविधियों पर नजर रख सकता है।वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से एएसजी एसवी राजू ने विदेश जाने की अनुमति का विरोध किया। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 16 मामले हैं और आशंका है कि विदेश जाने के बाद वह वापस नहीं लौट सकते।
इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि हर व्यक्ति को विदेश जाने और अपने इलाज का विकल्प चुनने का अधिकार है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि मौजूदा मामला केवल एक चुनावी भाषण से संबंधित है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की विदेश जाकर इलाज कराने की मांग खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने उन्हें मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें विदेश में इलाज की वास्तविक आवश्यकता है या नहीं।हालांकि, अभिषेक बनर्जी मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश नहीं हुए। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने 5 अगस्त को उनकी विदेश यात्रा की याचिका खारिज कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या शर्तें लगाईं?
सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह के लिए विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने की अनुमति देते हुए कुछ शर्तें भी तय की हैं।यात्रा के लिए केवल डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का इस्तेमाल होगा।विदेश यात्रा की पूरी जानकारी जांच एजेंसी को देनी होगी।विदेश में रहने के पते की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।फ्लाइट से जुड़ी जानकारी भी पुलिस/जांच एजेंसी को देनी होगी।यह जानकारी विदेश रवाना होने से दो दिन पहले उपलब्ध करानी होगी।इस आदेश के साथ अभिषेक बनर्जी के लिए आंखों के इलाज के उद्देश्य से विदेश जाने का रास्ता साफ हो गया है।
