Delhi: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, सीजेपी के प्रदर्शन और नीट विवाद के बीच बड़ा फैसला

नई दिल्ली: दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र और जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी सहित विभिन्न छात्र संगठनों के जारी भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच देश की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर लगातार उठ रही इस्तीफे की मांग के बीच उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।धर्मेंद्र प्रधान ने खुद अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर एक लंबी और भावुक पोस्ट साझा कर अपने इस्तीफे की सार्वजनिक घोषणा की।

“राष्ट्र-विरोधी ताकतें स्थिति का फायदा न उठाएं” — इस्तीफे की बताई मुख्य वजह

अपने त्यागपत्र की जानकारी देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर और देशभर में जो स्थिति बनी है, उसे देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है ताकि विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी अड़चनों में न फंसे।धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, “मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन अत्यंत व्यथित और दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और हमारे बच्चे कानूनी पेचीदगियों में उलझने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।”

नीट-यूजी विवाद पर दी सफाई: “पहले दिन से ली जिम्मेदारी, सीबीआई को सौंपी जांच”

इस्तीफे के साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों पर सरकार द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों और सुधारों का भी ब्योरा दिया। 3 मई 2026 को आयोजित नीट -यूजी परीक्षा में धांधली की बात सामने आते ही सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित कराई।राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के सहयोग से 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक छात्रों की पुनः परीक्षा निष्पक्ष रूप से कराई गई, जिसका परिणाम 16 जुलाई को घोषित हुआ। उन्होंने बताया कि परीक्षा माफिया पर लगाम लगाने के लिए अगले वर्ष से नीट -यूजी परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में आयोजित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।

विपक्षी घेराबंदी और जंतर-मंतर का दबाव

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर मुख्य विपक्षी नेता राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे। जंतर-मंतर पर सीजेपी के संसद मार्च और देशव्यापी छात्र आक्रोश ने सरकार पर भारी प्रशासनिक दबाव बना दिया था।हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि विपक्ष छात्रों को अपने राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, देश के माहौल और जंतर-मंतर पर सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।

“प्रभु श्रीजगन्नाथ के आशीर्वाद से जारी रहेगी राष्ट्रसेवा”

अपने संदेश के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अपने सहयोगी मंत्रियों और मंत्रालय के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे भविष्य में भी प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से देश के युवाओं और ओडिशा की जनता की सेवा में समर्पित रहेंगे।

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