Jharkhand: वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के घर पर चला बुलडोजर, एमएलए को धमकी देने के बाद प्रशासन का एक्शन

धनबाद: धनबाद के बहुचर्चित वासेपुर इलाके में शनिवार को कानून का ऐसा हंटर चला कि अपराधियों के हौसले पस्त हो गए। कुख्यात भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के वासेपुर स्थित पैतृक आवास पर जिला प्रशासन और पुलिस ने भारी संख्या में बुलडोजर तैनात कर ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सैकड़ों की संख्या में मुस्तैद सशस्त्र पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासनिक पोकलेन और बुलडोजरों ने इस दुर्दांत अपराधी के ठिकाने को जमींदोज करना शुरू किया। सुरक्षा के इस कदर कड़े इंतजाम हैं कि वासेपुर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस छावनी बनी हुई है।

निरसा विधायक को 24 घंटे की धमकी पड़ी भारी, तुरंत हुआ एक्शन

पुलिस-प्रशासन का यह रौद्र रूप तब देखने को मिला, जब बीती रात ही प्रिंस खान ने दुस्साहस दिखाते हुए निरसा के विधायक अरूप चटर्जी को सीधे तौर पर धमकी दे डाली।प्रिंस खान ने एक विदेशी नंबर का उपयोग कर विधायक अरूप चटर्जी के व्हाट्सएप पर वॉइस नोट, लिखित संदेश और एक डरावना वीडियो मैसेज भेजकर बड़ी रंगदारी (लेवी) की मांग की थी।गैंगस्टर ने विधायक को चेतावनी दी थी कि यदि 24 घंटे के भीतर रंगदारी की रकम नहीं मिली, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। विधायक ने तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद पुलिस के आला अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद बिना वक्त गंवाए सरकार के निर्देश पर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

कौन है प्रिंस खान उर्फ हैदर अली? गली के गुंडे से इंटरनेशनल वांटेड बनने की कहानी

प्रिंस खान, जिसका असली नाम हैदर अली है, वासेपुर की आपराधिक सरजमीं का सबसे बड़ा और खूंखार नाम बन चुका है। वह वासेपुर के पुराने डॉन फहीम खान (जिन्हें ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की रीयल-लाइफ विरासत से जोड़कर देखा जाता है) का सगा भांजा है। फहीम खान के जेल जाने के बाद प्रिंस ने मामा की आपराधिक सल्तनत पर कब्जा करने की नीयत से खुद का गैंग खड़ा किया। महज कुछ सालों में रंगदारी, हत्या, अंधाधुंध फायरिंग और कारोबारियों को डराने के बल पर उसने कोयलांचल में अपना खौफ कायम किया। वर्ष 2021 से फरार चल रहे प्रिंस खान पर वर्तमान में धनबाद और झारखंड के अलग-अलग थानों में 58 से लेकर 70 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।

दुबई से पाकिस्तान के बहावलपुर तक कनेक्शन; इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस

जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रिंस खान 2021 में ही फर्जी पासपोर्ट के सहारे देश छोड़कर भाग गया था। वह विदेश में बैठकर ही धनबाद के कोयला कारोबारियों और राजनेताओं से रंगदारी वसूलने का रैकेट चला रहा है।खुफिया इनपुट के मुताबिक, वह पहले दुबई में था, लेकिन वर्तमान में उसके पाकिस्तान के बहावलपुर में छिपे होने की पुख्ता जानकारी सामने आई है।इंटरपोल ने धनबाद पुलिस के आग्रह पर प्रिंस खान के खिलाफ रेड और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा है। फिलहाल, धनबाद पुलिस की पहल पर सीबीआई के माध्यम से उसके प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।

सिंडिकेट हो रहा है ध्वस्त; घर को मलबे में बदला

मौके पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया कि इस ध्वस्तीकरण का मुख्य उद्देश्य अपराधियों के मन से कानून का खौफ पैदा करना और उनके आर्थिक व नेटवर्क के गढ़ को पूरी तरह तोड़ना है। इससे पहले भी इस मकान पर कुर्की-जब्ती की जा चुकी है, जिसमें दरवाजे और खिड़कियां उखाड़े गए थे। लेकिन इस बार अवैध निर्माण और आपराधिक गतिविधियों के संचालन का ठोस साक्ष्य मानते हुए पूरे ढांचे को ही मलबे में तब्दील किया जा रहा है।पिछले छह महीनों के भीतर धनबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रिंस गैंग के दो दर्जन से अधिक शूटरों, मददगारों और स्लीपर सेल के सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिनसे करोड़ों रुपये की रंगदारी के दस्तावेज और हथियार बरामद किए गए थे। झारखंड एटीएस, सीबीआई और धनबाद पुलिस का संयुक्त खुफिया तंत्र अब इसके अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने में लगा है।

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