मनोहरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के सोनपोखरी गांव में खेत से बरामद शक्तिशाली बम को भारतीय सेना की 23 इन्फेंट्री डिविजन के बम निरोधक दस्ते ने शुक्रवार को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किए गए इस ऑपरेशन में धमाका इतना तेज था कि विस्फोट स्थल पर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया, जबकि बम के अवशेष लगभग 400 मीटर दूर तक बिखर गए।
बारिश और वज्रपात के कारण दो घंटे रुका ऑपरेशन
बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे शुरू हुई थी। हालांकि तेज बारिश और वज्रपात के कारण सुरक्षा के मद्देनजर ऑपरेशन को लगभग दो घंटे के लिए रोकना पड़ा। मौसम सामान्य होने के बाद शाम 3:14 बजे सेना ने सफलतापूर्वक नियंत्रित विस्फोट कर बम को नष्ट कर दिया।
150 मीटर दूर से रिमोट तकनीक से किया गया विस्फोट
सेना के बम निरोधक दस्ते ने पूरी सावधानी के साथ मुख्य विस्फोटक जोड़कर करीब 150 मीटर दूर से बैटरी संचालित रिमोट तकनीक के जरिए नियंत्रित ब्लास्ट किया। ऑपरेशन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
भारतीय सेना, स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर विस्फोट स्थल से करीब 300 मीटर की दूरी तक आम लोगों, ग्रामीणों और मीडियाकर्मियों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर ऑपरेशन को सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया गया।
जांच के लिए मलबा साथ ले गई सेना
विस्फोट के बाद भारतीय सेना की 23 इन्फेंट्री डिविजन के अधिकारियों ने बम के अवशेष, लोहे के टुकड़े और बारूद के नमूने अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए साथ ले गए। कर्नल धर्मेंद्र सिंह की मौजूदगी में विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य जुटाए। अब फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि बम कितना पुराना था, इसमें किस प्रकार का विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था और इसे कहां तैयार किया गया था।
सेना और प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद
इस संवेदनशील ऑपरेशन के दौरान 23 इन्फेंट्री डिविजन के कर्नल धर्मेंद्र सिंह, रणवीर कुमार, संदीप कुमार चौधरी, आयुष सहित सेना के कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं प्रशासन की ओर से अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार, अभियान एएसपी राहुल देव बड़ाईक, मनोहरपुर डीएसपी डेविड ए. डोडराय, थाना प्रभारी अमिएल एक्का, सीआरपीएफ इंस्पेक्टर शंभू नाथ यादव, एसआई मयंक कुमार, एसआई लालू यादव समेत सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के जवान तैनात रहे।
